IGIMS पटना में स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा विस्तार, छह नई अत्याधुनिक सेवाओं का उद्घाटन

पटना, 6 अगस्त। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS), पटना में मरीजों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने गुरुवार को संस्थान में छह नई अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन किया। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग और संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी एवं चिकित्सक मौजूद रहे।

नई सुविधाओं में नेत्र रोग विभाग के लिए छह मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, अत्याधुनिक CCTV कमांड सेंटर, 20 बेड की क्रिटिकल केयर मेडिसिन यूनिट, ऑन्कोलॉजी विभाग में 16 अतिरिक्त बेड, हर्बल गार्डन और BOG आधारित मेडिकल गैस सिस्टम शामिल हैं।

आंखों की सर्जरी के लिए 6 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर

IGIMS में Vitreo Retina, Cornea और Cataract के लिए दो-दो यानी कुल छह मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं। इस परियोजना पर करीब 10.25 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जिसमें केंद्र सरकार की 60 प्रतिशत और राज्य सरकार की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

ऑपरेशन थिएटर NABH मानकों के अनुरूप तैयार किए गए हैं। संक्रमण से बचाव के लिए आधुनिक एयर-फिल्ट्रेशन और माइक्रोबियल सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है। इससे आंखों की सर्जरी कराने वाले मरीजों को अधिक सुरक्षित वातावरण में उपचार मिल सकेगा।

8.25 करोड़ रुपये का CCTV कमांड सेंटर

अस्पताल परिसर की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए करीब 8.25 करोड़ रुपये की लागत से CCTV कमांड सेंटर स्थापित किया गया है। संस्थान में लगाए गए CCTV कैमरों को केंद्रीय कंट्रोल रूम से जोड़कर 24×7 निगरानी की व्यवस्था की गई है।

इससे किसी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। वीडियो रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने और आवश्यकता पड़ने पर उसका इस्तेमाल करने की भी व्यवस्था की गई है।

गंभीर मरीजों के लिए 20 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट

IGIMS में 20 बेड की क्रिटिकल केयर मेडिसिन (CCM) यूनिट शुरू की गई है। यहां गंभीर मेडिकल और सर्जिकल मरीजों को उच्च स्तरीय मल्टीडिसिप्लिनरी चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

यूनिट में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से संबंधित गंभीर मरीजों के इलाज के साथ ECMO और HFOV जैसी अत्याधुनिक जीवनरक्षक तकनीकों की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

यहां डायग्नोस्टिक ब्रोंकोस्कोपी, BAL और परक्यूटेनियस ट्रेकियोस्टॉमी जैसी प्रक्रियाओं के साथ CRRT (Continuous Renal Replacement Therapy) की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस यूनिट पर करीब 6.55 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

कैंसर मरीजों के लिए 16 अतिरिक्त बेड

ऑन्कोलॉजी विभाग में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 16 अतिरिक्त बेड वाला नया वार्ड शुरू किया गया है। संस्थान में वर्तमान में सालाना 3,000 से अधिक ऑपरेशन किए जा रहे हैं।

नई व्यवस्था से कैंसर मरीजों के लिए भर्ती और उपचार की क्षमता बढ़ेगी। इस सुविधा पर करीब 8.05 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

मरीजों और परिजनों के लिए हर्बल गार्डन

अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों के लिए हर्बल गार्डन भी विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य परिसर में हरित और सकारात्मक वातावरण तैयार करने के साथ औषधीय पौधों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

इसके अलावा संस्थान में BOG आधारित मेडिकल गैस सिस्टम की भी शुरुआत की गई है, जिससे ऑक्सीजन सहित विभिन्न मेडिकल गैसों की आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।

मरीजों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना लक्ष्य

संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) बिंदे कुमार ने कहा कि नई चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। संस्थान का उद्देश्य बिहार सहित आसपास के राज्यों के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

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