मुंबई: फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड की लोकप्रिय स्कीम फ्रैंकलिन इंडिया बैंकिंग एंड पीएसयू डेट फंड ने अपने सफल 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह फंड अपनी श्रेणी की सबसे पुरानी योजनाओं में शामिल है और पिछले एक दशक से अधिक समय में इसने खुद को डेट म्यूचुअल फंड स्पेस में एक भरोसेमंद और स्थिर निवेश विकल्प के रूप में स्थापित किया है।
फंड की निवेश रणनीति मुख्य रूप से हाई-क्वालिटी फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स पर आधारित है। इसके तहत निवेश का बड़ा हिस्सा बैंकों, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs), वित्तीय संस्थानों और चुनिंदा नगर निगमों द्वारा जारी डेट सिक्योरिटीज में लगाया जाता है। इसका उद्देश्य निवेशकों को कम क्रेडिट जोखिम के साथ बेहतर और स्थिर रिटर्न उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में जब ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक सुरक्षित और स्थिर रिटर्न वाले विकल्प तलाश रहे हैं, तब बैंकिंग और पीएसयू डेट फंड जैसी योजनाएं निवेशकों के लिए आकर्षक बन रही हैं। ऐसे फंड अपेक्षाकृत कम जोखिम के साथ नियमित आय और पूंजी संरक्षण का संतुलन प्रदान करते हैं।
फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड की चांदनी गुप्ता ने कहा कि यह फंड उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है, जो अपने अतिरिक्त धन को एक वर्ष से अधिक अवधि के लिए ऐसे पोर्टफोलियो में निवेश करना चाहते हैं, जो कम क्रेडिट जोखिम वाले उच्च गुणवत्ता के डेट इंस्ट्रूमेंट्स के माध्यम से नियमित आय उत्पन्न करने का लक्ष्य रखता हो।
फंड की खासियत इसकी निवेशक-हितैषी संरचना भी है। इसमें किसी प्रकार का एंट्री या एग्जिट लोड नहीं रखा गया है, जिससे निवेशकों को अधिक लचीलापन मिलता है। निवेश की शुरुआत मात्र 5,000 रुपये से की जा सकती है, जबकि इसके बाद अतिरिक्त निवेश 1 रुपये के मल्टीपल में संभव है। यही कारण है कि यह स्कीम छोटे और बड़े दोनों तरह के निवेशकों के बीच लोकप्रिय बनी हुई है।
बाजार में बढ़ती अनिश्चितताओं और बदलते इंटरेस्ट रेट साइकिल के बीच फ्रैंकलिन इंडिया बैंकिंग एंड पीएसयू डेट फंड उन निवेशकों के लिए एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रहा है, जो मिड-टर्म अवधि में नियमित आय, पूंजी की सुरक्षा और स्थिर प्रदर्शन की तलाश में हैं।





