महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में सामाजिक कार्यों में योगदान के लिए स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक को सराहा

17 जून 2026, मुंबई : महाराष्ट्र में पिछले 7 साल के दौरान स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक द्वारा वाटर सिक्योरिटी, हेल्थकेयर, रोजगार सृजन और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों के खिलाफ लोगों को मजबूत बनाने के लिए कई सामाजिक पहल चलाई गई हैं। इन पहल का सीधा लाभ राज्य के 8.3 लाख से अधिक लोगों को मिला है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इन प्रयासों ने महाराष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों से विकास का लाभ समाज के गरीब और जरूरतमंद वर्गों तक पहुंच रहा है। स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक द्वारा जल संरक्षण, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और हेल्थकेयर के क्षेत्र में किए जा रहे काम, राज्य के विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद कर रहा है।

बैंक की कई सामाजिक पहल से लाभ पाने वाले लोगों में 52 फीसदी से अधिक महिलाएं हैं। इन पहलों में जल संरक्षण, हेल्थकेयर और आजीविका बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इन सभी कार्यक्रम को महाराष्ट्र के 30 जिलों में सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिनमें राज्य के 75 फीसदी ऐसे जिले भी शामिल हैं, जहां इन पहल की सबसे ज्यादा जरूरत है।

वाटर सिक्योरिटी के लिए व्यापक कदम

वाटर सिक्योरिटी यानी जल सुरक्षा पहल के तहत 1.06 अरब लीटर मीठे पानी के भंडारण की क्षमता तैयार की गई है। इसके साथ ही सूखा प्रभावित क्षेत्रों में 45 वाटर एटीएम स्थापित किए गए हैं। राज्य के 271 गांवों, जिनमें मराठवाड़ा और विदर्भ के गांव भी शामिल हैं, में जल सुरक्षा को मजबूत बनाया गया है।

इसके अलावा 8,000 से अधिक किसानों को जल संरक्षण उपायों और जलवायु के अनुकूल कृषि तकनीकों का लाभ दिया गया है। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने की दिशा में 7 लाख पेड़ लगाना भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है।

रोजगार और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा

रोजगार क्षमता बढ़ाने के कार्यक्रम के तहत 6,598 युवाओं को स्किल डेवलपमेंट और रोजगार संबंधी ट्रेनिंग दिया गया है। इनमें से 63 फीसदी युवाओं को नौकरी मिल चुकी है।

इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इलेक्ट्रॉनिक्स, बैंकिंग और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा किए गए हैं। इस कार्यक्रम से लाभ पाने वाले लोगों की औसत सालाना इनकम 1.66 लाख रुपये दर्ज की गई है।

इस योजना से लाभ पाने वालों में 61 फीसदी महिलाएं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की महिला उद्यमियों को विशेष वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई है। इसके अलावा 758 महिला सूक्ष्म उद्यमियों (माइक्रो-एंटरप्रेन्योर्स) को भी सहयोग दिया गया है।

हेल्थकेयर में उल्लेखनीय उपलब्धियां

बैंक के प्रमुख ‘सीइंग इज बिलीविंग’ (Seeing is Believing) कार्यक्रम के तहत 4,39,688 लोगों की आंखों की जांच की गई है, जबकि 38,625 आंखों के ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए हैं। राज्यभर में 49 विजन सेंटर स्थापित किए गए हैं, जो अब आत्मनिर्भर तरीके से संचालित हो रहे हैं। ये केंद्र मिलकर हर साल करीब 1.6 करोड़ रुपये की आय भी कर रहे हैं। इस कार्यक्रम का दायरा डिस्ट्रिक्ट ब्लाइंडनेस कंट्रोल सोसाइटी और आयुष्मान भारत जैसी सरकारी योजनाओं के साथ मिलकर और बढ़ाया गया है।

स्टैंडर्ड चार्टर्ड इंडिया की सस्टेनेबिलिटी प्रमुख करुणा भाटिया ने कहा कि बैंक वंचित और कमजोर वर्गों के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में जल सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के क्षेत्र में चलाए जा रहे बैंक के कार्यक्रम उसके लॉन्ग टर्म सोशल कमिटमेंट के अच्छे उदाहरण हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इन पहलों ने राज्य के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। साथ ही, ये प्रयास लगातार चलने वाले विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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