बड़ौदा बीएनपी परिबा बैलेंस्ड एडवांटेज फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 5,000 करोड़ रुपये के पार

मुंबई, 22 सितंबर 2026: बड़ौदा बीएनपी परिबा बैलेंस्ड एडवांटेज फंड ने 5,000 करोड़ रुपये के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि ऐसे समय में मिली है जब यह फंड अपनी 8वीं सालगिरह के करीब पहुंच रहा है। ओपन-एंडेड डायनेमिक एसेट एलोकेशन फंड के सफर में यह एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
फंड ने लगातार अपने बेंचमार्क निफ्टी 50 हाइब्रिड कंपोजिट 50:50 इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया है। 1 साल, 3 साल और 5 साल की अवधि के साथ-साथ शुरुआत से अब तक भी फंड का प्रदर्शन बेंचमार्क से बेहतर रहा है। इससे निवेशकों के पोर्टफोलियो में इसे एक प्रमुख निवेश विकल्प के रूप में जगह मिलने को मजबूती मिलती है।
Returns in CAGR % 1 year 3 years 5 years Since inception
Regular plan 10.31 12.37 10.67 13.2
NIFTY 50 Hybrid Composite Debt 50:50 Index 1.37 7.65 7.05 10.21

फंड ने कैसे बनाई वेल्थ?

स्कीम की शुरुआत के समय किया गया 1 लाख रुपये का निवेश अगस्त 2026 के अंत तक बढ़कर 2,62,961 रुपये हो गया होता। फंड ने 1 साल में SIP पर 10.8% रिटर्न दिया है। वहीं, स्कीम की शुरुआत से अब तक SIP का सालाना औसत रिटर्न 12.75% रहा है। इस दौरान 1, 3 और 5 साल की अवधि के साथ-साथ शुरुआत से अब तक फंड का रिटर्न उसके बेंचमार्क से बेहतर रहा है।

अगर किसी निवेशक ने स्कीम की शुरुआत से हर महीने 10,000 रुपये की SIP शुरू की होती, तो अगस्त 2026 के अंत तक उसका निवेश बढ़कर 15.42 लाख रुपये हो गया होता।

डायनेमिक एसेट एलोकेशन स्ट्रैटेजी कैसे करती है काम?

यह फंड अपने मल्टी-फैक्टर एसेट एलोकेशन मॉडल के आधार पर इक्विटी में निवेश की हिस्सेदारी को 30% से 100% के बीच लगातार बदलता रहता है।

अगर कोई निवेशक अपने पोर्टफोलियो में खुद इस तरह से निवेश को बार-बार बदलता है, तो हर बदलाव पर टैक्स की देनदारी बन सकती है। लेकिन बड़ौदा बीएनपी परिबा बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में फंड के अंदर ही एसेट एलोकेशन बदला जाता है। इसलिए निवेशक पर टैक्स की देनदारी तभी बनती है, जब वह अपनी म्यूचुअल फंड यूनिट्स को बेचता या रिडीम करता है।

बड़ौदा बीएनपी परिबा म्यूचुअल फंड ने अपना एक खास वैल्यूएशन मॉडल तैयार किया है। यह मॉडल कई अलग अलग वैल्यूएशन पैरामीटर को देखकर फंड मैनेजर को यह तय करने में मदद करता है कि इक्विटी और डेट में कितना निवेश रखा जाए।

यह एक ओपन-एंडेड हाइब्रिड फंड है। इसके फंड मैनेजर बाजार के हिसाब से निवेश की अवधि, अलग-अलग सेक्टर और कंपनियों के मार्केट कैप में निवेश को सक्रिय रूप से बदलते हैं। इसका उद्देश्य बाजार में तेजी का फायदा उठाना, गिरावट के जोखिम को कम करना और निवेश के जोखिम को कंट्रोल करना है।

अलग-अलग एसेट क्लास में डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो

अगस्त 2026 के अंत तक, स्कीम की 80.6% एसेट्स इक्विटी में निवेश थी, जबकि बाकी निवेश डेट, कैश और अन्य एसेट्स में था। इक्विटी पोर्टफोलियो में 67.7% लार्ज-कैप, 24.6% मिड-कैप और 7.7% स्मॉल-कैप शेयरों में निवेश था।

डेट पोर्टफोलियो का फोकस निवेश की सुरक्षा और रेगुलर इनकम हासिल करने पर है। इसमें 48.8% निवेश सरकारी और सबसे ज्यादा क्रेडिट रेटिंग वाले इंस्ट्रूमेंट्स में, 36.3% कैश और कैश के बराबर एसेट्स में और 15% निवेश AA/AA+ रेटिंग वाले ज्यादा सुरक्षित इंस्ट्रूमेंट्स में किया गया था।

स्कीम के इक्विटी निवेश का मैनेजमेंट जितेंद्र श्रीराम, कुशांत अरोड़ा और नीरज सक्सेना करते हैं, जबकि फिक्स्ड इनकम पोर्टफोलियो का मैनेजमेंट प्रशांत पिंपले करते हैं।

निवेशक इस स्कीम में कम से कम 5,000 रुपये का एकमुश्त निवेश कर सकते हैं। वहीं, 500 रुपये की मंथली SIP भी शुरू की जा सकती है। एक साल के अंदर निवेश का 10% से कम हिस्सा निकालने पर कोई एग्जिट लोड नहीं लगता है।

लंबी अवधि के निवेश के लिए संतुलित तरीका

5,000 करोड़ रुपये के एयूएम, इक्विटी और डेट के बीच निवेश को बाजार के हिसाब से बदलने की रणनीति और अलग-अलग एसेट्स में निवेश के साथ, बड़ौदा बीएनपी परिबा बैलेंस्ड एडवांटेज फंड निवेशकों को बाजार में बदलते वैल्यूएशन के बीच एक सिस्टमैटिक तरीके से निवेश करने का मौका देता है। साथ ही, यह लंबी अवधि में इक्विटी से दौलत बनाने का अवसर देता है।

फंड के 8 साल पूरे होने के करीब आने के साथ, ऐसे निवेशक जो मॉडरेट लॉन्ग टर्म रिस्क लेवल के साथ अपने लिए एक मजबूत और लंबे समय में पैसा बढ़ाने वाला पोर्टफोलियो बनाना चाहते हैं, वे इस फंड पर विचार कर सकते हैं।

यह फंड इक्विटी से ग्रोथ की संभावना, डेट से इनकम और एक्टिव रिस्क मैनेजमेंट को मिलाकर काम करता है। इसे निवेशक अपनी मिड से लॉन्ग टर्म की इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी का हिस्सा बना सकते हैं।

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