02 जुलाई 2026, भारत – स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने आज घोषणा की कि उसने स्विफ्ट की नई रिटेल पेमेंट्स योजना के तहत एक रेमिटेंस भुगतान को प्रोसेस किया है। दुनिया में पहली बार, वेस्टपैक (ऑस्ट्रेलिया) ने इस योजना के माध्यम से भारत के लिए एक लेनदेन स्टैंडर्ड चार्टर्ड के जरिए भेजा। भारत में अपनी उन्नत क्षमताओं का लाभ उठाते हुए, स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने लाभार्थी बैंक को लगभग रियल-टाइम में राशि जमा कराई, जो देश के भुगतान इकोसिस्टम में एक बड़ी प्रगति को दर्शाता है।
इस लेनदेन को शुरू से अंत तक (एंड-टू-एंड) पूरा होने में मात्र 37 सेकंड का समय लगा। यह उपलब्धि स्विफ्ट नेटवर्क के माध्यम से भारत में भाग लेने वाले किसी भी बैंक के साथ रिकॉर्ड समय में एंड-टू-एंड लेनदेन पूरा करने की स्टैंडर्ड चार्टर्ड की क्षमता को दोहराती है।
सबसे तेज़ संभव निपटान (सेटलमेंट) समय के अलावा, स्विफ्ट की रिटेल पेमेंट्स योजना अंतरराष्ट्रीय भुगतान भेजने और प्राप्त करने वाले दोनों पक्षों को कई लाभ प्रदान करती है। इनमें भुगतान की एंड-टू-एंड पारदर्शिता शामिल है, जिससे भुगतान को हर चरण में ट्रैक किया जा सकता है; लागत की अग्रिम स्पष्टता, ताकि कोई छिपा हुआ शुल्क न हो; और विदेशी मुद्रा (एफएक्स) कटौती को लेकर कोई अप्रत्याशित कटौती न हो। इससे भेजी गई राशि पूरी की पूरी लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचती है।
भुगतान प्रणालियों के आधुनिकीकरण पर केंद्रित स्विफ्ट और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक कार्यक्रम में, स्टैंडर्ड चार्टर्ड इंडिया एवं दक्षिण एशिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पी. डी. सिंह को इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। स्टैंडर्ड चार्टर्ड स्विफ्ट की इस नई योजना के तहत भुगतान प्रोसेस करने वाला भारत का पहला बैंक बना है।
स्टैंडर्ड चार्टर्ड इंडिया एवं दक्षिण एशिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पी. डी. सिंह ने कहा, “सीमा-पार भुगतान (क्रॉस-बॉर्डर) और हमारे वैश्विक नेटवर्क की क्षमताएं भारत सहित प्रमुख बाजारों में बैंक की मजबूत रणनीति की आधारशिला रही हैं। स्टैंडर्ड चार्टर्ड इंडिया के लिए यह बेहद गर्व का क्षण है कि हम स्विफ्ट की रिटेल पेमेंट्स योजना के तहत कुछ ही सेकंड में भुगतान प्रोसेस करने वाले दुनिया के पहले बैंक बने हैं। हम दुनिया भर में लोगों के लिए भारत में पैसा भेजना उतना ही आसान बना रहे हैं, जितना अपने देश के भीतर धनराशि भेजना होता है।”
सिंह ने आगे कहा, “इस पहल के माध्यम से ग्राहकों को बैंकिंग इकोसिस्टम की सुरक्षा के साथ विश्वस्तरीय (बेस्ट-इन-क्लास) भुगतान अनुभव मिलेगा। इस सुविधा को संभव बनाने के लिए उद्योग जगत के अन्य भागीदारों के साथ मिलकर काम करते हुए हमें बेहद खुशी हो रही है।”
स्विफ्ट इंडिया एवं दक्षिण एशिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) किरण शेट्टी ने कहा, “यह उपलब्धि स्विफ्ट की अत्याधुनिक क्षमताओं की ताकत को दर्शाती है, जो अपने मौजूदा वैश्विक नेटवर्क का उपयोग कर सीमा-पार भुगतानों में वास्तविक बदलाव ला रही है। भारत के लिए, जो दुनिया में सबसे अधिक रेमिटेंस प्राप्त करने वाला देश है और जहां इनका सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में महत्वपूर्ण योगदान है, यह बदलाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।”
शेट्टी ने आगे कहा, “अधिक गति, पारदर्शिता और बेहतर ग्राहक अनुभव प्रदान करते हुए तथा सीमा-पार भुगतानों को घरेलू यूपीआई लेनदेन जितना सरल बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए, स्विफ्ट रेमिटेंस के लिए एक नया मानक स्थापित करने में मदद कर रहा है। स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक की यह पहल इस बात का मजबूत प्रमाण है कि यह बदलाव न केवल संभव है, बल्कि भारत में पहले से ही शुरू हो चुका है और इसमें रेमिटेंस के अनुभव को पूरी तरह बदलने की क्षमता है।
भारत में नियामकीय स्तर पर इस दिशा में लगातार मिल रहे समर्थन को देखना भी बेहद उत्साहजनक है, जो स्विफ्ट के नेतृत्व में एक तेज, अधिक पारदर्शी और ग्राहक-केंद्रित भुगतान इकोसिस्टम की ओर बढ़ने की प्रक्रिया को और गति प्रदान कर रहा है।”





