AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने ‘ज़ीरो फॉरेक्स मार्जिन’ रेमिटेंस लॉन्च किया, पारदर्शी अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग में नया मानक

मुंबई, 04 मई 2026: AU Small Finance Bank (AU SFB) ने अंतरराष्ट्रीय फंड ट्रांसफर को अधिक पारदर्शी और किफायती बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘ज़ीरो फॉरेक्स मार्जिन’ रेमिटेंस सुविधा लॉन्च की है। इस पहल के साथ बैंक भारत का एकमात्र निजी क्षेत्र का बैंक बन गया है, जो इनवर्ड और आउटवर्ड दोनों प्रकार की रेमिटेंस पर ज़ीरो फॉरेक्स मार्जिन और ज़ीरो बैंक शुल्क प्रदान कर रहा है।

यह पहल उन ग्राहकों के लिए खास है, जो अंतरराष्ट्रीय लेन-देन में छिपे हुए शुल्क और विनिमय दरों में मार्जिन के कारण अतिरिक्त लागत का सामना करते हैं। अब ग्राहक वास्तविक और पारदर्शी एक्सचेंज रेट पर बिना किसी छिपे मार्क-अप के धन हस्तांतरित कर सकेंगे।

AU SFB, जो भारत का सबसे बड़ा स्मॉल फाइनेंस बैंक है और एक दशक से अधिक समय में Reserve Bank of India से यूनिवर्सल बैंक में परिवर्तन के लिए इन-प्रिंसिपल मंज़ूरी पाने वाला पहला संस्थान भी है, इस पहल के जरिए ग्राहक-केंद्रित फॉरेक्स सेवाओं में अपनी पकड़ और मजबूत कर रहा है।


लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत सुविधा

यह सुविधा Liberalised Remittance Scheme (LRS) के तहत विदेश में शिक्षा, पारिवारिक भरण-पोषण, निवेश और RBI द्वारा अनुमत अन्य उद्देश्यों के लिए भेजी जाने वाली आउटवर्ड रेमिटेंस को कवर करती है।

साथ ही, NRI ग्राहकों के लिए AU के NRE और NRO खातों के माध्यम से इनवर्ड और आउटवर्ड दोनों प्रकार की रेमिटेंस भी इसमें शामिल हैं।


आउटवर्ड रेमिटेंस: अब खत्म होगी ‘अदृश्य लागत’

अब तक अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर में ग्राहकों को ट्रांजैक्शन फीस, GST और TCS के अलावा बैंक द्वारा एक्सचेंज रेट में छिपाए गए 2% तक के फॉरेक्स मार्जिन का सामना करना पड़ता था।

AU SFB की नई पेशकश इन छिपी हुई लागतों को खत्म करती है और ग्राहकों को अधिकतम बचत का लाभ देती है। इसमें शामिल हैं:

  • ज़ीरो फॉरेक्स मार्जिन: इंटर-बैंक रेफरेंस रेट (IBR) पर ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग
  • ज़ीरो ट्रांजैक्शन चार्ज: किसी भी ट्रांसफर पर बैंक शुल्क नहीं
  • ज़ीरो विदेशी/कोरेस्पॉन्डेंट बैंक चार्ज: ट्रांसफर राशि पर AU की ओर से कोई कटौती नहीं

यह सुविधा उन लोगों के लिए खास राहत लेकर आती है, जो बच्चों की पढ़ाई, परिवार की सहायता या निवेश के लिए विदेश पैसे भेजते हैं।


इनवर्ड रेमिटेंस: NRI ग्राहकों को बड़ा फायदा

इस पहल का दूसरा अहम हिस्सा विदेश में रह रहे भारतीयों (NRI) के लिए है, जो नियमित रूप से भारत में पैसा भेजते हैं।

AU SFB अब दे रहा है:

  • इनवर्ड रेमिटेंस पर ज़ीरो फॉरेक्स मार्जिन
  • NRE और NRO खातों में ज़ीरो ट्रांजैक्शन चार्ज
  • IBR रेफरेंस रेट पर मुद्रा रूपांतरण

इससे विदेश में कमाए गए पैसे का अधिक हिस्सा बिना कटौती के सीधे परिवार या निवेश तक पहुँच सकेगा।


पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम

अक्सर NRI ग्राहक अलग-अलग प्लेटफॉर्म की दरों की तुलना करने के बावजूद वास्तविक रूप से कम राशि प्राप्त करते हैं, क्योंकि प्रक्रिया में कई स्तरों पर लागत जुड़ जाती है।

AU SFB की यह पहल, बैंक के अपने नेटवर्क और अधिकृत पार्टनर चैनलों के माध्यम से किए गए ट्रांसफर में पारदर्शिता बढ़ाने और मूल्य ह्रास को कम करने का प्रयास करती है—हालांकि अंतिम राशि ट्रांजैक्शन में शामिल तृतीय-पक्ष संस्थानों पर भी निर्भर करेगी।


क्या बदलेगा इस पहल से?

यह पहल भारत में क्रॉस-बॉर्डर बैंकिंग के अनुभव को बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

  • ग्राहकों को मिलेगा स्पष्ट और पारदर्शी रेट
  • छिपे शुल्कों से मिलेगी राहत
  • अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर होगा ज्यादा भरोसेमंद और किफायती

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