‘स्कैम’ नहीं, सिक्योरिटी प्रोटोकॉल है! Zerodha के CEO नितिन कामथ ने ₹5 करोड़ निकासी सीमा पर दी सफाई

नई दिल्ली, 4 नवंबर 2025 — देश की सबसे बड़ी ब्रोकरेज फर्मों में से एक Zerodha सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी, जब एक वायरल पोस्ट में आरोप लगाया गया कि कंपनी ने एक ग्राहक को उसका पैसा निकालने से रोक दिया।
पोस्ट वायरल होने के बाद, Zerodha के CEO और सह-संस्थापक नितिन कामथ (Nithin Kamath) ने सामने आकर इस पूरे विवाद पर सफाई दी।


🧾 क्या था मामला?

डॉ. अनिरुद्ध मलपाणी नामक उपयोगकर्ता ने X (ट्विटर) पर पोस्ट कर दावा किया कि Zerodha ने उन्हें ₹5 करोड़ से अधिक की रकम निकालने की अनुमति नहीं दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्लेटफॉर्म उनके पैसे का “फ्री में इस्तेमाल” कर रहा है, क्योंकि Zerodha में प्रतिदिन ₹5 करोड़ तक की निकासी सीमा (withdrawal limit) तय है।

उन्होंने अपने पोस्ट में Zerodha के CEO को टैग करते हुए स्क्रीनशॉट साझा किए, जिनमें यह दिखाया गया था कि ₹5 करोड़ से ज्यादा राशि निकालने की कोशिश करने पर “सपोर्ट टिकट” उठाने की आवश्यकता होती है।


📢 Zerodha की सफाई — “यह लिमिट नहीं, सुरक्षा उपाय है”

इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए नितिन कामथ ने कहा —

“₹5 करोड़ की सीमा कोई रोक नहीं है, बल्कि एक सुरक्षा व्यवस्था है। यह बड़े लेन-देन के दौरान धोखाधड़ी और अनधिकृत निकासी से ग्राहकों को बचाने के लिए लागू की गई है।”

कामथ ने स्पष्ट किया कि डॉ. मलपाणी की निकासी रिक्वेस्ट पहले ही प्रोसेस कर दी गई थी, और यह प्रक्रिया सामान्य सुरक्षा जांच का हिस्सा थी।

उन्होंने कहा कि जैसे अन्य वित्तीय संस्थान उच्च-मूल्य वाले ट्रांजेक्शन के लिए अतिरिक्त वेरिफिकेशन करते हैं, वैसे ही Zerodha भी ऐसा ही करती है, क्योंकि एक बार राशि ट्रांसफर होने के बाद उसे रिकवर नहीं किया जा सकता।


💻 Zerodha का आधिकारिक नियम

कंपनी की वेबसाइट के अनुसार —

  • ग्राहक अपने कंसोल अकाउंट से किसी भी राशि की निकासी कर सकते हैं, यदि पर्याप्त बैलेंस मौजूद है
  • ₹5 करोड़ तक की निकासी सीधे Zerodha Console से की जा सकती है।
  • ₹5 करोड़ से अधिक राशि निकालने पर ग्राहकों को सपोर्ट टिकट उठाना होता है ताकि अतिरिक्त वेरिफिकेशन के बाद भुगतान सुरक्षित तरीके से प्रोसेस हो सके।

🔐 क्या है असल उद्देश्य?

Zerodha का कहना है कि यह व्यवस्था साइबर सुरक्षा और ग्राहक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है।
इससे यह तय होता है कि बड़ी निकासी केवल वास्तविक खाता धारक द्वारा ही की जाए, न कि किसी हैक या फर्जी गतिविधि के जरिए।

कामथ की तुरंत दी गई सफाई के बाद सोशल मीडिया पर स्थिति स्पष्ट हो गई और “Zerodha Scam” का दावा गलत साबित हुआ।


📈 निष्कर्ष

Zerodha का ₹5 करोड़ निकासी नियम किसी प्रतिबंध का संकेत नहीं, बल्कि सुरक्षा मानक (security safeguard) है — ताकि बड़े फंड ट्रांसफर पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से हो सकें।
एक बार वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद, ऐसे सभी लेन-देन सामान्य रूप से प्रोसेस किए जाते हैं।



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