₹50 से कम कीमत वाले नॉर्थ ईस्टर्न कैरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (NECC) के शेयरों में गुरुवार को जोरदार तेजी देखी गई। कंपनी द्वारा अपने 40वें वार्षिक आम बैठक (AGM) की वेरिफाइड मिनट्स रिपोर्ट स्टॉक एक्सचेंजों पर जमा करने के बाद शेयरों में करीब 20% तक की छलांग लग गई।
यह अपडेट SEBI के नियामक दिशा-निर्देशों के अनुरूप है और कंपनी की कॉरपोरेट गवर्नेंस के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
शेयर की स्थिति
गुरुवार के सत्र में NECC का शेयर इंट्रा-डे में करीब 20% चढ़ा, जबकि दिन के अंत में BSE पर ₹21.70 प्रति शेयर पर 6% की बढ़त के साथ बंद हुआ।
हालांकि, पिछले एक वर्ष में यह शेयर लगभग 36% गिरा है और अक्टूबर की शुरुआत में यह ₹20 के आसपास कारोबार कर रहा था।
कंपनी का बिजनेस
नॉर्थ ईस्टर्न कैरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (NECC) एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सॉल्यूशंस कंपनी है, जो फ्रेट मैनेजमेंट, ट्रक लोड सर्विसेज, ओवर डायमेंशनल कार्गो (ODC) और थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स (3PL) सेवाएं प्रदान करती है।
कंपनी अपने सभी ऑपरेशन्स को एक ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर सिस्टम से संचालित करती है, जिससे उसे देशभर में एंड-टू-एंड सप्लाई चेन सॉल्यूशंस देने में मदद मिलती है।
NECC खनन लॉजिस्टिक्स (Mining Logistics) के क्षेत्र में भी सक्रिय है, जहां यह क्रोम, आयरन और मैंगनीज अयस्कों के परिवहन का कार्य करती है।
वित्तीय प्रदर्शन (Q1 FY2025-26)
कंपनी ने 7 अगस्त 2025 को अपने पहले तिमाही परिणाम जारी किए, जिसमें –
- राजस्व: ₹69.25 करोड़
- EBITDA: ₹5.46 करोड़
- शुद्ध लाभ: ₹1.78 करोड़ दर्ज किया गया।
हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में कंपनी की नेट सेल्स में 11% और नेट प्रॉफिट में 51.5% की गिरावट आई है, जिसका कारण बढ़ती लागत और कमजोर मांग बताया गया।
हाल के अपडेट्स
18 अक्टूबर 2025 को इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने कंपनी की बैंक लोन रेटिंग को ‘IND BBB/Stable’ पर बनाए रखा।
रेटिंग एजेंसी ने कंपनी के लंबे अनुभव, मध्यम स्केल ऑपरेशन और मजबूत ग्राहक आधार को पॉजिटिव बताया, लेकिन कम मुनाफे और देरी से मिलने वाले पेमेंट्स को चुनौती माना।
कंपनी ने हाल ही में टाटा स्टील लिमिटेड से एक बड़ा अनुबंध हासिल किया, जिसके तहत वह आने वाले पांच वर्षों तक इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के जरिए स्टील उत्पादों का परिवहन करेगी। यह कदम NECC की ग्रीन लॉजिस्टिक्स दिशा में रणनीतिक पहल को दर्शाता है।
मार्केट व्यू
मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि AGM मिनट्स फाइलिंग और रेटिंग री-अफर्मेशन के बाद कंपनी के शेयर में तेजी आई है।
EV ट्रांसपोर्टेशन में एंट्री और सिस्टम ऑटोमेशन जैसी पहलें भविष्य में कंपनी के लिए लाभप्रद साबित हो सकती हैं, बशर्ते यह अपनी मार्जिन स्थिति में सुधार लाए।







