मुंबई, 30 मार्च 2026 – जब भारतीय रुपया दबाव में है, यानी उसकी वैल्यू घट रही है, तब निवेशक ऐसे विकल्प ढूंढ रहे हैं, जिनसे उन्हें दो फायदे मिल सके। एक, रुपये की गिरावट का फायदा और दूसरा, दुनिया भर के शेयर बाजारों में निवेश का मौका। बड़ौदा बीएनपी परिबा एक्वा फंड ऑफ फंड ऐसा ही एक विकल्प देता है, जो विदेशों में निवेश और एक खास ग्लोबल थीम को साथ लेकर चलता है।
दोहरा फायदा : ग्लोबल निवेश और रुपये की कमजोरी से लाभ
बड़ौदा बीएनपी परिबा एक्वा फंड ऑफ फंड भारतीय निवेशकों को ग्लोबल इक्विटीज में निवेश करने का मौका देता है। यह फंड उन कंपनियों में निवेश करता है, जो पूरी दुनिया में वाटर वैल्यू चेन बिजनेस में काम करती हैं। ये कंपनियां पानी जैसे प्राकृतिक संसाधन के संरक्षण और सही उपयोग को बढ़ावा देती हैं।
इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य बड़ौदा बीएनपी परिबा एक्वा (लक्स) में निवेश करके लंबी अवधि में पूंजी बढ़ाना है।
चूंकि इस फंड का पैसा मजबूत विदेशी करेंसी वाले ग्लोबल मार्केट में निवेश होता है, इसलिए यह स्कीम रुपये की कमजोरी से बचाव करने में भी मदद करती है। साथ ही, निवेशकों को चुनिंदा ग्लोबल ग्रोथ के अवसरों में भाग लेने का मौका मिलता है।
इस स्कीम में मिनिमम लम्प सम निवेश सिर्फ 5,000 रुपये से शुरू किया जा सकता है और इसमें कोई एंट्री लोड नहीं होता है।
निवेशक SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए भी नियमित निवेश कर सकते हैं, जो सिर्फ 500 रुपये प्रति महीने से शुरू होता है। इसके बाद 1 रुपये के मल्टीपल में निवेश करने की सुविधा भी है।
ग्लोबल वाटर सेक्टर पर फोकस
यह फंड एक थीम आधारित रणनीति अपनाता है और एक सब-फंड के जरिए वैश्विक वॉटर वैल्यू चेन में निवेश करता है। यह उन कंपनियों में निवेश करता है जो पानी के संरक्षण, प्यूरीफिकेशन, डिस्ट्रीब्यूशन और सही उपयोग से जुड़ी हैं। दुनिया में पानी की कमी बढ़ने के कारण यह सेक्टर काफी महत्वपूर्ण होता जा रहा है, खासकर मिडिल ईस्ट में हाल के घटनाक्रमों के बाद इस पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।
साफ पानी की उपलब्धता को लेकर अलग-अलग सेक्टर, इंडस्ट्री और लोगों के बीच बढ़ता दबाव इस थीम का एक बड़ा और मजबूत कारण बन गया है। लंबी अवधि की यह मांग अलग-अलग बाजार परिस्थितियों में भी इस स्कीम के प्रदर्शन को सपोर्ट करती रही है।
परफॉर्मेंस की झलक
बड़ौदा बीएनपी परिबा एक्वा फंड ऑफ फंड ने पिछले 1 साल में 26.84% का रिटर्न दिया है और पिछले 3 साल में 14.52% CAGR का रिटर्न दिया है।
अगर किसी ने इस स्कीम में 1 लाख रुपये निवेश किए होते, तो वह 3 साल में बढ़कर लगभग 1.50 लाख रुपये हो जाता।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए SIP और भी फायदेमंद साबित हुआ है। अगर पिछले 3 साल से हर महीने 10,000 रुपये का SIP किया जाता, तो फरवरी 2026 के अंत तक इसकी वैल्यू 6.86 लाख रुपये से ज्यादा हो जाती (16.67% XIRR)।
यह दिखाता है कि अनुशासित तरीके से निवेश करना और ग्लोबल मार्केट में निवेश करना कितना फायदेमंद हो सकता है।
सेक्टर और देशों में डाइवर्सिफिकेशन
यह एक थीम आधारित फंड है, जो मुख्य रूप से बड़ौदा बीएनपी परिबा एक्वा (लक्स) में निवेश करता है।
यह फंड कई सेक्टर जैसे इंडस्ट्रियल्स, यूटिलिटीज और हेल्थकेयर में निवेश करता है, जिससे किसी एक ही सेक्टर पर निर्भरता कम हो जाती है।
भौगोलिक रूप से, इसका निवेश कई विकसित देशों में फैला हुआ है, जैसे अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड्स, डेनमार्क, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, स्वीडन और जापान आदि।
लिक्विडिटी और एग्जिट लोड
यह एक ओपन-एंडेड स्कीम है, यानी निवेशक कभी भी अपना पैसा निकाल सकते हैं।
एग्जिट लोड तभी लगेगा जब आप यूनिट्स को खरीदने की तारीख से 12 महीने के अंदर बेचते या स्विच करते हैं। इसलिए यह स्कीम मीडियम से लॉन्ग टर्म निवेश करने वालों के लिए ज्यादा उपयुक्त है।
रुपये की कमजोरी से मिलने वाला फायदा, ग्लोबल इक्विटी में निवेश और एक मजबूत सस्टेनेबिलिटी (पानी से जुड़ी थीम) को मिलाकर, बड़ौदा बीएनपी परिबा एक्वा फंड ऑफ फंड उन निवेशकों के लिए एक अलग और अच्छा विकल्प बनता है, जो सिर्फ घरेलू बाजार से बाहर भी निवेश करना चाहते हैं।





