स्टैंडर्ड चार्टर्ड और लिफ्टवुमेन® ने महिला उद्यमियों के लिए एससी विन नाउ एंड नेक्स्ट कार्यक्रम का भारत और ग्रेटर बे एरिया तक विस्तार किया

04 मई 2026, भारत: स्टैंडर्ड चार्टर्ड और लिफ्टवुमेन® ने अपने प्रमुख स्टैंडर्ड चार्टर्ड विमेंस इंटरनेशनल नेटवर्क (एससी विन) नाउ एंड नेक्स्ट प्रोग्राम को भारत और ग्रेटर बे एरिया (GBA) तक विस्तारित करने की घोषणा की है।

यह पहल पिछले वर्ष हांगकांग में आयोजित पहले संस्करण की सफलता पर आधारित है और वैश्विक स्तर पर महिला उद्यमियों को जोड़ने तथा उन्हें सशक्त बनाने के बैंक के प्रयासों को और मजबूती देती है।


वैश्विक नेटवर्क और विशेषज्ञता का लाभ

2026 का यह कार्यक्रम बैंक के वैश्विक एससी विन नेटवर्क, संसाधनों और महिला उद्यमियों के साथ काम करने के अनुभव का उपयोग करता है।

यह एक पिच-आधारित मॉडल को संरचित क्षमता-विकास कार्यक्रम के साथ जोड़ता है, जिसका उद्देश्य व्यवसाय के अलग-अलग चरणों में वृद्धि को तेज करना है।
इस कार्यक्रम के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 12 जून 2026 तक खुली रहेगी।


महिला उद्यमिता को मिल रहा बढ़ावा

वैश्विक स्तर पर महिला उद्यमियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और वे डिजिटल व्यापार तथा सतत प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में अहम भूमिका निभा रही हैं।

यह कार्यक्रम महिला संस्थापकों को अंतरराष्ट्रीय विस्तार और सीमा-पार लॉजिस्टिक्स की चुनौतियों से निपटने में मदद करता है, जिससे उन्हें नए बाजारों में विकास के अवसर मिलते हैं।

भारत में भी यह प्रवृत्ति मजबूत है—28 फरवरी 2026 तक सरकार के उद्यम पोर्टल पर 3.07 करोड़ से अधिक महिला-नेतृत्व वाले उद्यम पंजीकृत हो चुके हैं।


बैंक अधिकारियों का दृष्टिकोण

स्टैंडर्ड चार्टर्ड के एसएमई बैंकिंग के ग्लोबल हेड शी वेन ने कहा कि यह विस्तार महिला उद्यमियों को समर्थन देने और एक समावेशी एसएमई इकोसिस्टम बनाने की दिशा में बैंक की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि एससी विन प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्षमता निर्माण, वित्तपोषण और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को एक साथ लाकर महिला-नेतृत्व वाले व्यवसायों को आत्मविश्वास के साथ विस्तार करने में मदद दी जा रही है।

वहीं, भारत और दक्षिण एशिया में वेल्थ एवं रिटेल बैंकिंग के प्रमुख आदित्य मंडलोई ने कहा कि एसएमई बैंकिंग बैंक की रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल है और भारत में इसके विस्तार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि बदलते कारोबारी माहौल में उद्यमियों को समग्र समाधान देने की आवश्यकता है, जिसमें उनके व्यवसाय और व्यक्तिगत वित्त दोनों की जरूरतों को शामिल किया जाए।


समग्र विकास पर फोकस

कार्यक्रम का उद्देश्य एक अधिक समावेशी, लचीली और सतत अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। बैंक महिला उद्यमियों को अनुकूलित समाधान और संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें तेजी से बदलते बाजार में आगे बढ़ने के लिए सक्षम बनाना चाहता है।


कौशल विकास और वैश्विक अवसर

यह पहल महिला उद्यमियों को आवश्यक व्यावसायिक कौशल विकसित करने, अपने व्यवसाय का विस्तार करने और एक मजबूत नेटवर्क से जुड़ने का अवसर देती है।

प्रतिभागियों को मेंटर्स, उद्योग विशेषज्ञों और अन्य उद्यमियों के साथ जुड़ने के साथ-साथ बाजार से जुड़ी अहम जानकारियाँ और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार के अवसर भी मिलते हैं।


ग्लोबल एक्सेलेरेटर प्रोग्राम

इस कार्यक्रम के तहत भारत और GBA से 10-10 महिला-नेतृत्व वाले व्यवसायों का चयन किया जाएगा, जिन्हें 12 सप्ताह के एससी विन ग्लोबल एक्सेलेरेटर प्रोग्राम में शामिल किया जाएगा।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले व्यवसायों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित भी किया जाएगा।

इस पहल के संचालन में लिफ्टवुमेन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिसमें प्रशिक्षण सत्र, कंटेंट, वक्ता और मेंटरशिप शामिल होगी।


लिफ्टवुमेन की भूमिका

लिफ्टवुमेन की संस्थापक और सीईओ आइरीन त्सांग ने कहा कि स्टैंडर्ड चार्टर्ड के साथ यह साझेदारी महिला उद्यमियों को समर्थन देने के साझा उद्देश्य को मजबूत करती है।

उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों संस्थाओं की संयुक्त ताकत इस पहल को और प्रभावशाली बनाएगी।


पिछले वर्ष की उपलब्धियाँ

पिछले वर्ष, लामिया श्रेया रहमान (विडी लैब्स – सीकर) को उनके एआई आधारित वियरेबल डिवाइस के लिए ‘वेंचर ऑफ द ईयर’ से सम्मानित किया गया था।

इसके अलावा, अन्य उद्यमियों को नवाचार, सामाजिक प्रभाव और वैश्विक विस्तार जैसे क्षेत्रों में योगदान के लिए भी सम्मान मिला।


एससी विन: एक बढ़ता वैश्विक नेटवर्क

एससी विन, बैंक का वैश्विक कार्यक्रम है, जो महिला-नेतृत्व वाले एसएमई को वित्तपोषण, विशेषज्ञता और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तक पहुंच प्रदान करता है।

2022 में शुरू हुआ यह कार्यक्रम अब सात बाजारों में 4,500 से अधिक महिला-स्वामित्व वाले व्यवसायों को जोड़ चुका है।
अब तक 540 मिलियन डॉलर से अधिक का वित्तपोषण प्रदान किया जा चुका है, और 2028 तक 1 बिलियन डॉलर के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में यह आगे बढ़ रहा है।


निष्कर्ष

स्टैंडर्ड चार्टर्ड और लिफ्टवुमेन की यह पहल महिला उद्यमिता को वैश्विक मंच देने की दिशा में एक अहम कदम है। यह कार्यक्रम न केवल महिलाओं को सशक्त बना रहा है, बल्कि एक समावेशी और टिकाऊ आर्थिक भविष्य की नींव भी मजबूत कर रहा है।

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