नई दिल्ली, 3 नवंबर 2025 — भारत के सीमेंट उद्योग में प्रतिस्पर्धा एक बार फिर तेज हो गई है। अडानी समूह ने सोमवार को घोषणा की कि वह अपनी सीमेंट इकाई अंबुजा सीमेंट्स की उत्पादन क्षमता को FY28 तक 15 मिलियन टन (MTPA) बढ़ाएगा, जिससे कुल क्षमता 155 MTPA हो जाएगी। यह वृद्धि अडानी समूह के लिए 2022 में होल्सिम इंडिया की अंबुजा और एसीसी की खरीद के बाद क्षमता के लगभग दोगुना होने का संकेत है।
यह कदम ऐसे समय आया है जब अडानी के प्रतिद्वंद्वी अल्ट्राटेक सीमेंट (आदित्य बिड़ला ग्रुप) ने भी हाल ही में अपनी क्षमता बढ़ाने की योजना की घोषणा की थी।
⚙️ कैपेसिटी एक्सपेंशन की होड़
- अडानी समूह की मौजूदा उत्पादन क्षमता: 107 MTPA
- FY28 तक लक्ष्य: 155 MTPA (15 MTPA की वृद्धि)
- यह वृद्धि “डी-बॉटलनेकिंग” (debottlenecking) के ज़रिये की जाएगी — यानी मौजूदा संयंत्रों की क्षमता बढ़ाकर बिना नए बड़े निवेश के उत्पादन में इजाफा।
दूसरी ओर, अल्ट्राटेक सीमेंट, जो वर्तमान में देश की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी है, अपनी क्षमता 167 MTPA से 240 MTPA तक बढ़ाने की तैयारी कर रही है — यानी FY26 के अंत तक 200 MTPA का लक्ष्य, जो तय समय से एक साल पहले हासिल किया जा सकता है।
💼 तीन साल में 90 MTPA की नई क्षमता
पिछले तीन वर्षों में अडानी और अल्ट्राटेक दोनों ने मिलकर 90 MTPA अतिरिक्त क्षमता जोड़ी है — जो देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी श्री सीमेंट (56 MTPA) से भी ज्यादा है।
वर्तमान रफ्तार से ये दोनों कंपनियां मिलकर भारत की कुल सीमेंट क्षमता (688 MTPA) का आधा हिस्सा नियंत्रित कर सकती हैं।
🧱 रणनीतिक विस्तार और वित्तीय प्रदर्शन
अडानी समूह ने पिछले तीन वर्षों में सांघी इंडस्ट्रीज, पेनना सीमेंट और ओरिएंट सीमेंट जैसी छोटी कंपनियां खरीदी हैं, जिससे उसका बाज़ार हिस्सा तेजी से बढ़ा है।
FY28 तक 22% मार्केट शेयर हासिल करने का लक्ष्य है (वर्तमान में लगभग 16.6%)।
अंबुजा सीमेंट्स के CEO विनोद बहेती ने कहा —
“हमारी नई योजना में भारी पूंजीगत खर्च शामिल नहीं होगा। मौजूदा संयंत्रों की क्षमता का बेहतर उपयोग कर हम उत्पादन बढ़ाएंगे।”
सितंबर तिमाही में अंबुजा सीमेंट्स का शुद्ध लाभ ₹500 करोड़ से बढ़कर ₹1,387 करोड़ हो गया — यानी दो गुना से अधिक वृद्धि।
राजस्व में भी 26.2% सालाना बढ़ोतरी हुई और कंपनी ने बताया कि टैक्स रिफंड और कोर्ट फैसलों से भी लाभ मिला है।
⚙️ नई टेक्नोलॉजी से लागत में कमी
कंपनी 13 संयंत्रों में रोलर प्रेस और ब्लेंडर मशीनें लगा रही है, जिससे प्रति टन ₹400–₹800 तक की लागत बचत संभव होगी।
इसके अलावा कंपनी क्लिंकर उत्पादन क्षमता भी बढ़ाने पर अध्ययन कर रही है।
बहेती ने कहा कि GST 2.0 सुधार, कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम (CCTS) और कोल सेस हटाने जैसे कदमों से उद्योग को लाभ मिलेगा।
📈 सेक्टर आउटलुक
FY26 की दूसरी तिमाही में भारत की सीमेंट मांग में 4% सालाना वृद्धि दर्ज की गई।
GST दरों में कटौती (28% से घटकर 18%), बेहतर आर्थिक माहौल और सार्वजनिक-निजी निवेश में वृद्धि से आने वाले महीनों में मांग में और तेजी की उम्मीद है।
कंपनी ने FY26 के लिए 7-8% वार्षिक ग्रोथ का अनुमान बरकरार रखा है।
📊 शेयर मार्केट अपडेट
सोमवार को अंबुजा सीमेंट्स के शेयर NSE पर 2.36% बढ़कर ₹578.75 पर बंद हुए, जबकि निफ्टी सूचकांक में 0.16% की मामूली बढ़त रही।





