ग्रुप की वैश्विक विस्तार योजना को मिली गति, 3 अरब डॉलर के AUM का लक्ष्य; फिलहाल 80 करोड़ डॉलर से अधिक की संपत्तियों का कर रहा है प्रबंधन
अबू धाबी/मुंबई, 27 अक्टूबर 2026: सचिन सावरीकर द्वारा प्रमोट किए गए अर्थ भारत ग्रुप को अबू धाबी ग्लोबल मार्केट (ADGM) के फाइनेंशियल सर्विसेज रेगुलेटरी अथॉरिटी (FSRA) से फाइनेंशियल सर्विसेज परमिशन (FSP) मिल गई है। इस मंजूरी के साथ ग्रुप अबू धाबी के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र में अपने फंड मैनेजमेंट कारोबार का विस्तार कर सकेगा।
अर्थ भारत इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स एमई लिमिटेड को मिली इस अनुमति के तहत कंपनी पेशेवर और संस्थागत ग्राहकों को कई तरह की वित्तीय सेवाएं उपलब्ध करा सकेगी। इनमें कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट फंड का प्रबंधन, निवेश पोर्टफोलियो मैनेजमेंट, निवेश और क्रेडिट संबंधी सलाह, निवेश से जुड़े लेनदेन की व्यवस्था तथा कस्टडी और क्रेडिट से संबंधित सेवाओं की व्यवस्था करना शामिल है।
वर्तमान में 80 करोड़ डॉलर से अधिक की संपत्तियों का प्रबंधन करने वाले अर्थ भारत ग्रुप के लिए यह मंजूरी वैश्विक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ग्रुप की गिफ्ट सिटी में मजबूत मौजूदगी है और अब वह अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है। इसके तहत ग्रुप ने प्रबंधनाधीन संपत्तियों (AUM) को बढ़ाकर 3 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
FSRA से प्रिंसिपल अप्रूवल मिलने के बाद लाइसेंसिंग प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। इसके साथ ही ग्रुप की नियामकीय रूप से स्वीकृत अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी गिफ्ट सिटी से आगे बढ़कर अबू धाबी तक विस्तारित हो रही है। हाल ही में ग्रुप ने मॉरीशस में भी नियामकीय मंजूरी के तहत अपना कारोबार शुरू किया है।
ADGM में उपस्थिति से अर्थ भारत को मध्य पूर्व के संस्थागत निवेशकों, फैमिली ऑफिस और पेशेवर एनआरआई निवेशकों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। इसके जरिए कंपनी विदेशी मुद्रा में निवेश के विकल्प उपलब्ध करा सकेगी, जिनके माध्यम से निवेशक भारतीय और वैश्विक बाजारों में निवेश के अवसर तलाश सकेंगे।
अर्थ भारत इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के फाउंडर और ग्रुप सीईओ सचिन सावरीकर ने कहा, “ADGM का लाइसेंस मिलने से हमें मध्य पूर्व के सॉवरेन वेल्थ फंड और संस्थागत निवेशकों के साथ सीधे काम करने का अवसर मिलेगा। ये निवेशक अक्सर ऐसे फंड मैनेजरों के साथ काम करना पसंद करते हैं, जिन्हें ऐसे वित्तीय केंद्र के नियामक से मंजूरी मिली हो, जिसकी नियामकीय व्यवस्था और नियमों से वे अच्छी तरह परिचित हों।”
वैश्विक और भारतीय निवेश के अवसरों तक पहुंच बढ़ाने की योजना
अर्थ भारत इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स एमई लिमिटेड की योजना ADGM में सबसे पहले अर्थ भारत ICC लॉन्च करने की है। यह एक इनकॉरपोरेटेड सेल कंपनी (ICC) होगी, जिसका ढांचा वेरिएबल कैपिटल कंपनी की अवधारणा पर आधारित होगा। इसके तहत एक ही कॉर्पोरेट ढांचे के अंतर्गत अलग-अलग निवेश फंड लॉन्च किए जा सकेंगे, जिनमें प्रत्येक फंड के लिए पृथक कानूनी संरचना होगी।
इस मॉडल का प्रमुख लाभ यह है कि साझा प्रॉस्पेक्टस और नियामकीय ढांचे के आधार पर नई निवेश योजनाएं शुरू करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। साथ ही, प्रत्येक फंड के लिए उसके विशिष्ट निवेश उद्देश्यों, शर्तों और जोखिमों से संबंधित अलग प्रॉस्पेक्टस भी होगा।
इन ICC फंडों को एग्जेम्प्ट फंड के रूप में स्थापित करने की योजना है। इन्हें निजी प्लेसमेंट के माध्यम से पात्र पेशेवर निवेशकों को पेश किया जाएगा। प्रत्येक फंड में शुरुआती निवेश की न्यूनतम राशि 50,000 अमेरिकी डॉलर निर्धारित करने की योजना है।
भारतीय निवेशकों के लिए लंबी अवधि के वैश्विक निवेश विकल्प
सचिन सावरीकर ने कहा, “ADGM हमें भारतीय निवेशकों तक अपनी निवेश रणनीतियां पहुंचाने के लिए एक मंच उपलब्ध कराता है। ऐसे निवेशक अपने पोर्टफोलियो को विभिन्न वैश्विक बाजारों में फैलाना चाहते हैं और लंबी अवधि में व्यवस्थित तरीके से संपत्ति का निर्माण करना चाहते हैं।”
अर्थ भारत के अनुसार, ADGM के माध्यम से स्थापित फंड संरचना उन भारतीय निवेशकों के लिए उपयोगी हो सकती है, जो अपने निवेश में भौगोलिक विविधता लाना चाहते हैं और भारतीय बाजारों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय निवेश अवसरों का लाभ उठाना चाहते हैं।
इस पहल के जरिए ग्रुप का लक्ष्य मध्य पूर्व के संस्थागत निवेशकों और पेशेवर निवेशकों के साथ अपने संबंध मजबूत करने के साथ-साथ भारतीय निवेशकों के लिए वैश्विक निवेश रणनीतियों तक पहुंच का विस्तार करना है।





