माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में वित्त वर्ष 2027 में 10-15% ग्रोथ की उम्मीद, ग्रामीण मांग से मिलेगा सहारा

रेपो रेट बढ़ने के बावजूद फिलहाल कर्ज की ब्याज दरें नहीं बढ़ाएंगी माइक्रोफाइनेंस संस्थाएं, अतिरिक्त लागत खुद उठाने का संकेत

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026। देश के माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान 10 से 15 फीसदी की वृद्धि होने की उम्मीद है। वहीं, वित्त वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही में सेक्टर की ग्रोथ 15 फीसदी से अधिक रह सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने, लोगों की आय में सुधार और छोटे कारोबार शुरू करने के लिए कर्ज की मांग बढ़ने से इस क्षेत्र को मजबूती मिलने की संभावना है।

माइक्रोफाइनेंस संस्थानों के प्रमुखों ने गुरुवार को संगठन सा-धन के 21वें वार्षिक सम्मेलन में यह अनुमान जताया। सम्मेलन में सेक्टर की विकास संभावनाओं, कर्ज की गुणवत्ता, वित्तीय समावेशन और तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल पर चर्चा हुई। इस दौरान संस्थानों ने संकेत दिया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से रेपो रेट बढ़ाए जाने के बावजूद वे फिलहाल ग्राहकों के लिए कर्ज की ब्याज दरें नहीं बढ़ाएंगे। बढ़ी हुई लागत का बोझ संस्थाएं खुद उठाएंगी।

बंधन समूह के संस्थापक चंद्रशेखर घोष सम्मानित

सम्मेलन में बंधन समूह के संस्थापक एवं चेयरमैन चंद्रशेखर घोष को ग्रामीण क्षेत्रों में औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था के जरिए कर्ज उपलब्ध कराने में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

घोष ने वर्ष

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