सर्कोलाइफ ने ₹40.45 करोड़ जुटाए, 24 महीनों में 40,000 एसी यूनिट का लक्ष्य

कूलिंग-एज़-ए-सर्विस प्लेटफॉर्म की मौजूदा 10,000 सब्सक्रिप्शन से चार गुना विस्तार की योजना; AI, IoT और डिजिटल ट्विन तकनीक पर भी निवेश बढ़ाएगी कंपनी

मुंबई, 9 सितंबर 2026: कूलिंग-एज़-ए-सर्विस (CaaS) प्लेटफॉर्म सर्कोलाइफ ने प्री-सीरीज़ A राउंड में $4.5 मिलियन (लगभग ₹40.45 करोड़) जुटाए हैं। कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल अपने कारोबार का राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने, फील्ड सर्विस नेटवर्क बढ़ाने और AI-आधारित IoT प्लेटफॉर्म को विकसित करने में करेगी।

इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व सर्कोलाइफ के शुरुआती निवेशक और मेंटर भरत जयसिंघानी, जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर, पॉलीकैब इंडिया ने किया। राउंड में नज़ारा टेक्नोलॉजीज़ के फाउंडर नितीश मिटरसेन, इंटेलिक्विटी वेंचर्स, पैराम कैपिटल, स्काई इम्पैक्ट कैपिटल और अन्य व्यक्तिगत निवेशकों तथा फैमिली ऑफिस ने भी भाग लिया।

कंपनी के मुताबिक, सर्कोलाइफ के पास वर्तमान में करीब 10,000 सक्रिय सब्सक्रिप्शन हैं और यह पांच शहरों में काम कर रही है। नई पूंजी के साथ कंपनी अगले 24 महीनों में अपने सक्रिय बेड़े को 40,000 यूनिट तक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

एसी खरीदने के बजाय सब्सक्रिप्शन मॉडल

सर्कोलाइफ का बिजनेस मॉडल पारंपरिक एयर-कंडीशनर खरीद और रखरखाव से अलग है। इसके तहत व्यवसाय AC यूनिट्स को सब्सक्रिप्शन मॉडल पर इस्तेमाल करते हैं और कंपनी इंस्टॉलेशन तथा मेंटेनेंस जैसी सेवाएं उपलब्ध कराती है।

कंपनी के अनुसार, कॉन्ट्रैक्ट अवधि के दौरान यूनिट का स्वामित्व सर्कोलाइफ के पास रहता है। इसके कारण कंपनी के लिए केवल यूनिट की बिक्री के बजाय उसकी लंबी अवधि की ऊर्जा दक्षता और प्रदर्शन को बनाए रखना महत्वपूर्ण हो जाता है।

सर्कोलाइफ का कहना है कि उसके ग्राहक आधार में रेस्तरां, होटल, जिम, सैलून, को-लिविंग ऑपरेटर और अन्य छोटे व्यवसाय तथा एंटरप्राइज शामिल हैं।

IoT और AI पर फोकस

कंपनी अपने प्रत्येक AC यूनिट को कनेक्टेड डिवाइस के रूप में संचालित करती है। सेंसर के माध्यम से तापमान, बिजली की खपत और गैस प्रेशर जैसे पैरामीटरों की निगरानी की जाती है। इस डेटा का इस्तेमाल कंपनी के प्रेडिक्टिव-मेंटेनेंस सिस्टम में किया जाता है।

सर्कोलाइफ अब इस डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर में AI और एडवांस्ड सेंसर तकनीक को जोड़ने की योजना बना रही है। कंपनी पहले प्रत्येक यूनिट का डिजिटल ट्विन तैयार करने और बाद में इसे पूरी साइट के डिजिटल ट्विन तक विस्तारित करने पर काम कर रही है।

इसका उद्देश्य किसी संभावित खराबी की पहले पहचान करने के साथ-साथ किसी साइट की पूरी कूलिंग प्रणाली के प्रदर्शन को बेहतर तरीके से मॉनिटर करना है।

इन-हाउस सर्विस और रिफर्बिशमेंट

कंपनी के अनुसार, सर्कोलाइफ उन शहरों में अपनी इन-हाउस फील्ड सर्विस टीम संचालित करती है जहां वह मौजूद है। मुंबई और दिल्ली में कंपनी की दो सुविधाएं हैं, जहां जीवनकाल पूरा कर चुकी यूनिट्स को स्क्रैप करने के बजाय रिफर्बिश कर दोबारा इस्तेमाल में लाने की प्रक्रिया की जाती है।

कंपनी ने बताया कि 2023 के अंत में मुंबई से परिचालन शुरू करने के बाद उसने लगभग ढाई वर्षों में पांच शहरों में अपना बेड़ा तैयार किया है।

नई फंडिंग का इस्तेमाल

नई पूंजी का इस्तेमाल मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में किया जाएगा—बेड़े का विस्तार, भौगोलिक विस्तार और तकनीकी विकास। इसके अलावा कंपनी अपने इन-हाउस इंस्टॉलेशन और सर्विस नेटवर्क को भी बढ़ाएगी।

सर्कोलाइफ के सह-संस्थापक और सीईओ अभिषेक मुरारका ने कहा कि पांच शहरों में करीब 10,000 सब्सक्रिप्शन के बाद कंपनी अब राष्ट्रीय स्तर पर अपने मॉडल को विस्तार देने के अगले चरण में प्रवेश कर रही है।

कंपनी का नेतृत्व मुरारका के साथ COO तुषार पाटिल, CTO देवांशु मिश्रा और CDO एवं CMO शालिन खन्ना कर रहे हैं। रणनीतिक सलाहकार के तौर पर विनीते तनेजा भी कंपनी से जुड़े हैं।

सर्कोलाइफ का अगला प्रमुख लक्ष्य अगले दो वर्षों में अपने मौजूदा करीब 10,000 सक्रिय यूनिट के बेड़े को बढ़ाकर 40,000 सक्रिय यूनिट तक पहुंचाना है।

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