देश की तीन बड़ी रक्षा कंपनियों — भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) — को हाल ही में रक्षा अधिग्रहण परिषद (Defence Acquisition Council – DAC) की मंजूरी से बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।
ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal ने कहा है कि इन कंपनियों के शेयरों में 18% से 23% तक की संभावित बढ़त (upside) देखी जा सकती है, क्योंकि रक्षा मंत्रालय ने हाल में ₹79,000 करोड़ के पूंजीगत अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
💰 रक्षा क्षेत्र में मेगा अप्रूवल्स
पिछले हफ्ते DAC ने भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए कुल ₹79,000 करोड़ की पूंजीगत खरीद को मंजूरी दी।
इससे पहले अगस्त 2025 में भी ₹67,000 करोड़ के प्रस्ताव स्वीकृत किए गए थे।
वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक ₹2.5 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है — जो पिछले साल के ₹2.2 लाख करोड़ से अधिक है।
इस दौरान घरेलू खरीद (domestic procurement) की हिस्सेदारी भी FY19 के 54% से बढ़कर FY25 में 92% तक पहुंच गई है — जो “मेक इन इंडिया” रक्षा रणनीति की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
📈 Motilal Oswal की रिपोर्ट: किन स्टॉक्स में सबसे ज्यादा दम?
ब्रोकरेज के मुताबिक, रक्षा क्षेत्र के लिए बढ़ते पूंजी निवेश और ऑर्डर फाइनलाइज़ेशन की प्रक्रिया आने वाले वर्षों में PSU डिफेंस कंपनियों और चुनिंदा प्राइवेट प्लेयर्स के लिए बड़ा अवसर खोलेगी।
Motilal Oswal की टॉप 3 पसंद:
| कंपनी | रेटिंग | टारगेट प्राइस | अनुमानित बढ़त |
|---|---|---|---|
| Bharat Electronics (BEL) | Buy | ₹490 | 18% |
| Hindustan Aeronautics (HAL) | Buy | ₹5,800 | 21.6% |
| Bharat Dynamics (BDL) | Buy | ₹1,900 | 23% |
🛰️ कौन किस क्षेत्र में लाभ पाएगा?
- BEL: इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, रडार और नेवल सेंसर सिस्टम्स के लिए बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना।
- HAL: लॉन्ग-रेंज ऑटोनॉमस सिस्टम्स और एरियल प्लेटफॉर्म्स में कोलेबोरेटिव डिवेलपमेंट से फायदा।
- BDL: मिसाइल और टॉरपीडो प्रोजेक्ट्स जैसे NAMIS और Advanced Lightweight Torpedo से लाभान्वित होगी।
🔍 आगे क्या देखना होगा?
ब्रोकरेज फर्म के अनुसार, निवेशक निम्न बिंदुओं पर नजर रखें:
- इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट्स और नए हथियार प्लेटफॉर्म्स पर त्वरित मंजूरियाँ।
- आने वाले बजटों में रक्षा पूंजीगत आवंटन (capital outlay) में वृद्धि।
- Make-II और iDEX जैसी इंडिजिनाइजेशन स्कीमों के तहत प्रोजेक्ट्स की प्रगति।
- रक्षा निर्यात लक्ष्य ₹5 लाख करोड़ (FY29) की दिशा में बढ़ते अवसर।
⚙️ कुल मिलाकर…
भारत में बढ़ती रक्षा जरूरतें, सरकारी समर्थन और ‘आत्मनिर्भर भारत’ नीति के चलते यह सेक्टर लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए आकर्षक बनता जा रहा है।
BEL, HAL और BDL जैसी मजबूत सरकारी कंपनियाँ अगले कुछ वर्षों में रक्षा ऑर्डर्स और निर्यात के चलते सतत विकास (sustainable growth) दिखा सकती हैं।






