Jio BlackRock Asset Management ने वर्ष 2026 के लिए अपना विस्तृत रोडमैप पेश किया है। कंपनी 2025 में मिली मजबूत शुरुआत को आगे बढ़ाते हुए कई नए म्यूचुअल फंड लॉन्च करने और अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार करने की तैयारी में है।
जियो ब्लैकरॉक एएमसी, जो Jio Financial Services और BlackRock Inc. के बीच 50:50 की साझेदारी है, पिछले छह महीनों में हासिल हुई तेजी के साथ अब अपने परिचालन के दूसरे वर्ष में प्रवेश कर रही है।
मॉडल पोर्टफोलियो की शुरुआत
कंपनी ने अपनी मॉडल पोर्टफोलियो सुविधा के तहत जियोबीएलके (JioBLK) पोर्टफोलियो लॉन्च किए हैं। ये पोर्टफोलियो जियो ब्लैकरॉक म्यूचुअल फंड की पूर्व-निर्धारित योजनाओं का संयोजन हैं, जिन्हें निवेश विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया है।
निवेशक इन पोर्टफोलियो के जरिए बिना अलग-अलग फंड चुनने की जटिलता के, अनुशासित ढंग से विविध योजनाओं में निवेश कर सकते हैं। इन पोर्टफोलियो को ब्लैकरॉक के उन्नत निवेश और जोखिम प्रबंधन प्लेटफॉर्म Aladdin की सहायता से डिजाइन किया गया है।
नए एक्टिव फंड्स और सेक्टर रोटेशन फंड
2026 में एएमसी कई नए म्यूचुअल फंड लॉन्च करने की योजना बना रही है। कंपनी के एक्टिव फंड्स, ब्लैकरॉक के Systematic Active Equity (SAE) प्लेटफॉर्म पर आधारित होंगे, जिसका उपयोग पहले ही जियो ब्लैकरॉक फ्लेक्सीकैप फंड में किया जा चुका है।
इसी कड़ी में जियो ब्लैकरॉक सेक्टर रोटेशन फंड पहला नया फंड होगा, जिसका एनएफओ 27 जनवरी 2026 से 9 फरवरी 2026 तक खुला रहेगा। यह फंड बाजार और आर्थिक संकेतकों के आधार पर अलग-अलग सेक्टरों में निवेश को समय-समय पर बदलने की रणनीति अपनाएगा, जिससे बदलती बाजार स्थितियों में जोखिम प्रबंधन और अवसरों का बेहतर उपयोग किया जा सके।
एसआईएफ, ईटीएफ और ग्लोबल निवेश पर जोर
Sid Swaminathan, एमडी और सीईओ, जियो ब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट ने कहा कि कंपनी ने लॉन्च के बाद से 10 लाख से अधिक ग्राहकों को जोड़ा है।
उन्होंने बताया कि अब फोकस निवेश विकल्पों के विस्तार पर है, जिसमें स्पेशलाइज्ड इनवेस्टमेंट फंड (SIFs), ईटीएफ, और गिफ्ट सिटी के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय निवेश के अवसर शामिल हैं। कंपनी डेट, इक्विटी और हाइब्रिड कैटेगरी में भी कई नए फंड लाने की योजना बना रही है।
गिफ्ट सिटी में विस्तार की तैयारी
एएमसी गिफ्ट सिटी में अपनी इकाई स्थापित करने और आवश्यक नियामकीय मंजूरियों की प्रक्रिया में भी है। इससे क्रॉस-बॉर्डर फंड स्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय निवेशकों को वैश्विक निवेश के अवसर उपलब्ध कराए जा सकेंगे, जबकि विदेशी निवेशकों को भारत में निवेश के नए विकल्प मिलेंगे।
ईटीएफ पर बड़ा दांव
कंपनी ईटीएफ सेगमेंट में भी बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य ऐसे कम-लागत वाले, पारदर्शी और स्केलेबल प्रोडक्ट्स पेश करना है, जो रिटेल और संस्थागत दोनों निवेशकों की जरूरतों को पूरा कर सकें और आधुनिक पोर्टफोलियो निर्माण को आसान बनाएं।






