प्रमुख संवाददाता | लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
उत्तर प्रदेश ने एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए नया कीर्तिमान रचा है। झांसी में 65 हजार वर्ग फुट में फैला देश का पहला नेट ज़ीरो एग्ज़ीबिशन सेंटर तैयार हो गया है। यह अत्याधुनिक और पर्यावरण अनुकूल भवन अगले महीने से पूरी तरह संचालित हो जाएगा। इसे गुरुग्राम स्थित बूट्स कंपनी ने तैयार किया है — जो भारत की पहली नेट ज़ीरो इंजीनियरिंग कंपनी है।
🌿 क्या है ‘नेट ज़ीरो’?
‘नेट ज़ीरो’ का अर्थ है — जितनी ग्रीनहाउस गैसें (CO₂, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड) वातावरण में छोड़ी जाती हैं, उतनी ही मात्रा में उन्हें कम या अवशोषित भी किया जाए, ताकि कुल उत्सर्जन शून्य के बराबर हो।
इसे हासिल करने के लिए कोयला, तेल और गैस पर निर्भरता घटाकर सोलर, विंड और हाइड्रो पावर जैसे रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों को बढ़ावा दिया जाता है।
भारत ने साल 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लासगो COP26 (2021) सम्मेलन में की थी।
🌎 क्यों ज़रूरी है नेट ज़ीरो?
धरती का तापमान औद्योगिक क्रांति के बाद से अब तक करीब 1.2°C बढ़ चुका है। अगर यह 1.5°C से ऊपर गया, तो ग्लेशियर पिघलने, समुद्र-स्तर बढ़ने, सूखा-बाढ़ जैसी आपदाओं की तीव्रता बढ़ जाएगी। इसलिए विश्व के तमाम देश नेट ज़ीरो की दिशा में काम कर रहे हैं।
🏢 झांसी का अत्याधुनिक एग्ज़ीबिशन सेंटर
राजकीय पॉलिटेक्निक मैदान, झांसी में बना यह कन्वेंशन और एग्ज़ीबिशन सेंटर 65,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला है और इसे बनाने में 30 करोड़ रुपये की लागत आई है।
इसमें एक साथ 10,000 लोगों की क्षमता वाले कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।
केंद्र में 2,000 सीटों वाला एसी ऑडिटोरियम, कई कॉन्फ्रेंस हॉल, ट्रेड फेयर एरिया, सांस्कृतिक प्रस्तुति मंच और एक्ज़ीबिशन गैलरी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 अक्तूबर को इसका लोकार्पण किया था। दिसंबर से यहां बुकिंग शुरू हो जाएगी। उद्देश्य झांसी को बुंदेलखंड का सांस्कृतिक, व्यावसायिक और पर्यटन केंद्र बनाना है।
⚙️ पर्यावरण अनुकूल तकनीकें
बूट्स कंपनी के एमडी दीपक राय के अनुसार, सेंटर में कई पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का उपयोग किया गया है —
हाइड्रो-बेस्ड कूलिंग और हीटिंग सिस्टम से बिजली और पानी की बचत होगी।
परिसर में सोलर एनर्जी से बिजली उत्पादन किया जाएगा।
वॉटर रीसाइक्लिंग सिस्टम से पानी की बर्बादी रोकी जाएगी।
ऊर्जा खपत में 80% तक की बचत संभव है।
🌍 बूट्स कंपनी के अन्य रिकॉर्ड
बूट्स कंपनी पहले भी कई अनोखी परियोजनाएं बना चुकी है —
दुनिया की पहली नेट ज़ीरो लाइब्रेरी — झांसी में, सिर्फ 90 दिनों में तैयार।
विश्व का पहला नेट ज़ीरो म्यूज़ियम — कुरुक्षेत्र में।
दुनिया का पहला नेट ज़ीरो कोल्ड स्टोरेज — रेवाड़ी में।
इस तरह झांसी का यह एग्ज़ीबिशन सेंटर न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे भारत के लिए हरित विकास और सतत निर्माण का प्रतीक बन गया है।






