वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) के शेयर सोमवार को दोपहर के सत्र में करीब 10% तक उछल गए, जब सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कंपनी के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाया की राशि को दोबारा आंकने (reassess) की अनुमति दी।
इस फैसले के बाद वोडाफोन आइडिया का शेयर ₹10.5 प्रति शेयर के ऊपर पहुंच गया — जो सितंबर 2024 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
⚖️ क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वोडाफोन आइडिया के AGR बकाया से जुड़ी राहत पर निर्णय लेना नीतिगत (policy) मामला है और केंद्र सरकार इस पर विचार कर सकती है।
केंद्र सरकार इस साल की शुरुआत में कंपनी की 49% हिस्सेदारी ले चुकी है, जो डेट-टू-इक्विटी स्वैप के जरिए हुई थी।
वोडाफोन आइडिया ने पिछले महीने डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) द्वारा मांगे गए ₹9,450 करोड़ के अतिरिक्त AGR बकाया को चुनौती दी थी।
📊 बाजार पर असर
INVAsset PMS के बिज़नेस हेड हर्षल दसानी के मुताबिक,
“सरकार को AGR डिमांड पुनर्गठित करने की छूट मिलना कंपनी के लिए टर्निंग पॉइंट है। यह दिवालियापन के खतरे को कम करता है और बाजार में भरोसा बढ़ाता है।”
हालांकि उन्होंने जोड़ा कि,
“वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कितनी राशि डिफर, माफ या इक्विटी में बदली जाती है।”
📈 क्या अब खरीदना चाहिए Vodafone Idea का शेयर?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला कंपनी के लिए जोखिम कम जरूर करता है, लेकिन निवेश के लिहाज से अभी सावधानी जरूरी है।
कंपनी पर अभी भी ₹76,000 करोड़ से ज्यादा का AGR बकाया और भारी कर्ज है। ऐसे में यह तेजी अल्पकालिक (short-term rally) साबित हो सकती है।
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के क्रांति बठिनी ने कहा,
“ऑर्डर से निवेशकों का भरोसा जरूर बढ़ा है, लेकिन कंपनी अब भी ग्राहक आधार (subscriber base) खो रही है और ARPU (Average Revenue Per User) में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा।”
TRAI के अगस्त 2025 के आंकड़ों के अनुसार, वोडाफोन आइडिया ने उस महीने 3.09 लाख मोबाइल यूजर्स गंवाए।
📉 अब भी चुनौतियां बरकरार
- कंपनी पर भारी कर्ज बोझ है।
- ग्राहक गिरावट और कम ARPU चिंता का विषय हैं।
- नई फंडिंग या स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टर से पूंजी निवेश की कोई स्पष्ट योजना नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वोडाफोन आइडिया का स्टॉक फिलहाल हाई-रिस्क, हाई-बेटा कैटेगरी में है, जो इवेंट-ड्रिवन ट्रेडिंग के लिए उपयुक्त है — लेकिन दीर्घकालिक निवेश के लिए नहीं।
📊 ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी
विश्लेषकों की राय:
- शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स: गिरावट पर छोटे दांव लगा सकते हैं, सख्त स्टॉप-लॉस के साथ।
- लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स: तब तक प्रतीक्षा करें जब तक कर्ज पुनर्गठन और राजस्व सुधार के ठोस संकेत न दिखें।
- कंजरवेटिव पोर्टफोलियो: फिलहाल साइडलाइन पर रहना ही बेहतर है।





