H1-B वीज़ा संकट: आईटी कंपनियों से 1 लाख करोड़ रुपये का बाजार पूंजीकरण साफ
H1-B वीज़ा संकट: आईटी कंपनियों से 1 लाख करोड़ रुपये का बाजार पूंजीकरण साफ
अमेरिकी H1-B वीज़ा संकट का असर भारतीय आईटी सेक्टर पर गहराई से देखने को मिल रहा है। सिर्फ एक दिन में आईटी दिग्गज कंपनियों का 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बाजार पूंजीकरण (Market Cap) उड़ गया।
सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाली कंपनियां
- TCS: ₹35,500 करोड़
- Infosys: ₹18,500 करोड़
- HCL Tech: ₹7,600 करोड़
- LTIMindtree: ₹7,600 करोड़
- अन्य बड़ी कंपनियों में भी तेज गिरावट देखने को मिली।
क्यों पड़ा असर?
H1-B वीज़ा भारतीय आईटी पेशेवरों के लिए अमेरिका में काम करने का प्रमुख जरिया है। वीज़ा पॉलिसी सख्त होने और अनिश्चितता बढ़ने से निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा। इसका सीधा असर शेयर बाजार में लिस्टेड आईटी कंपनियों के स्टॉक्स पर दिखा।
भारतीय आईटी सेक्टर की निर्भरता
भारतीय आईटी कंपनियां अपने राजस्व का बड़ा हिस्सा अमेरिकी क्लाइंट्स से कमाती हैं। H1-B वीज़ा में आई रुकावट से कंपनियों के प्रोजेक्ट्स, डिलीवरी और लागत संरचना पर दबाव बन सकता है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वीज़ा पॉलिसी में राहत नहीं मिली तो आने वाले दिनों में आईटी सेक्टर पर और दबाव बढ़ सकता है। वहीं, कंपनियां ऑफशोरिंग मॉडल को और मजबूत करने और यूरोप व एशिया जैसे नए बाजारों पर फोकस बढ़ा सकती हैं।





