नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित सरकारी अस्पताल एम्स (AIIMS) में अधिकारियों और कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। यह प्रदर्शन 15 मार्च से कैडर रिव्यू की मांग को लेकर किया जा रहा है। खास बात यह है कि कर्मचारी और अधिकारी अपने लंच टाइम के दौरान एकत्र होकर प्रतीकात्मक रूप से विरोध जता रहे हैं, जिससे अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, एम्स के लगभग 13,000 कर्मचारी कैडर रिव्यू के अभाव में प्रभावित हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं, लेकिन फाइल लंबे समय से स्वास्थ्य मंत्रालय में लंबित पड़ी है। आरोप है कि कई दशकों से कैडर रिव्यू नहीं होने के कारण कर्मचारियों और अधिकारियों को पदोन्नति और वेतन संरचना से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से इंतजार के बाद अब वे अपनी मांग को लेकर गंभीर हो गए हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि 20 मार्च तक उनकी मांगों को नहीं माना गया, तो वे भूख हड़ताल पर उतरेंगे और आंदोलन को और तेज करेंगे।
इस प्रदर्शन में एम्स के विभिन्न विभागों से जुड़े हजारों कर्मचारी और अधिकारी शामिल हो रहे हैं। सभी की एकजुट मांग है कि जल्द से जल्द कैडर रिव्यू लागू किया जाए, ताकि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान हो सके।
ऑफिसर्स एसोसिएशन ऑफ एम्स, दिल्ली के अध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की मांग पूरी तरह जायज है और इसे अब और टाला नहीं जाना चाहिए।
अब देखना होगा कि सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में यह विरोध प्रदर्शन और व्यापक रूप ले सकता है।





