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फ्रैंकलिन टेम्पलटन इंडिया ने शुरू किया “चेंज द सोच – कन्याकुमारी से कश्मीर ड्राइव” महिलाओं में म्यूचुअल फंड निवेश को लेकर जागरूकता बढ़ाने की पहल

फ्रैंकलिन टेम्पलटन इंडिया ने आज “चेंज द सोच – कन्याकुमारी से कश्मीर ड्राइव” नाम से एक अनोखे देशव्यापी अभियान की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य खासतौर पर महिलाओं को…

FIA Global Bank Mitras Honoured with Changemaker Award at Global Inclusive Finance Summit 2026

New Delhi, January 19, 2026: Two Bank Mitras associated with FIA Global—Chandrashekhar Paithane and Sunil Kumar—have been conferred with the prestigious Changemaker Award at the Global Inclusive Finance India Summit…

एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और आईसीएसआई के बीच एमओयू, कंपनी सेक्रेटरी के लिए एक्सक्लूसिव बैंकिंग सॉल्यूशन

मुंबई, 18 जनवरी 2026: भारत के सबसे बड़े स्मॉल फाइनेंस बैंक एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (एयू एसएफबी) ने कंपनी सेक्रेटरी प्रोफेशनल्स के लिए विशेष बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड समाधान उपलब्ध…

जियोब्लैकरॉक इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स ने लॉन्च की आधिकारिक वेबसाइट, अर्ली एक्सेस कैंपेन की शुरुआत

मुंबई, 12 जनवरी 2026:जियोब्लैकरॉक इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट www.jioblackrock.com के लॉन्च की घोषणा की है। यह कंपनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड और ब्लैकरॉक इंक. के बीच…

एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने संक्रांति पर देशभर में पेश किए खास फेस्टिव ऑफ़र्स

मुंबई, 12 जनवरी 2026:एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU SFB), भारत का सबसे बड़ा स्मॉल फाइनेंस बैंक और पिछले एक दशक में आरबीआई से यूनिवर्सल बैंक में रूपांतरण के लिए इन-प्रिंसिपल…

एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट 2024–25 जारी की: समावेशन, जलवायु और सुशासन पर मजबूत फोकस

मुंबई, 06 जनवरी 2026: एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU SFB) ने वित्तीय वर्ष 2024–25 के लिए अपनी चौथी सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट बैंक की ESG (पर्यावरण, सामाजिक…

भारतीय परिवारों के पास मौजूद सोने की कीमतें एक दशक से कुछ अधिक समय में 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक बढ़ी

लेखक : सचिन सावरिकर, मैनेजिंग पार्टनर, 7,000 करोड़ रुपये AUM वाली अर्थ भारत इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स आईएफएससी एलएलपी   भले ही डि बीयर्स कंपनी ने विज्ञापनों के जरिए हीरे (डायमंड) को महिलाओं का सबसे अच्छा दोस्त बताया हो, लेकिन भारतीय महिलाओं के दिलों पर हमेशा से सोने (गोल्ड) का ही राज रहा है। सोना सिर्फ गहने के तौर पर पहनने या सामाजिक हैसियत दिखाने का साधन नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा एसेट क्लास है, जिसकी कीमत समय के साथ घटती नहीं, जिस तरह से महंगी कार या नया आईफोन मॉडल की कीमत समय के साथ कम होती है। इसी वजह से सोने ने भारतीय परिवारों की संपत्ति बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है।   वेल्थ क्रिएशन: 2011 से अब तक 792 अरब डॉलर की बढ़ोतरी   साल 2011 से 2024 के बीच भारत ने बहुत बड़ी मात्रा में सोने का आयात (इंपोर्ट) किया। शुरुआत में इस आयात की वजह से देश के व्यापार घाटे (ट्रेड डेफिसिट) पर दबाव पड़ा, लेकिन आज उन गोल्ड होल्डिंग्स की डॉलर में कीमत बहुत जबरदस्त तरीके से बढ़ गई है। मौजूदा कीमतों (करीब 4,211 डॉलर प्रति औंस) पर देखें तो इस अवधि में आयात किए गए सोने की कीमत में करीब 1.085 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है, यानी कुल मिलाकर लगभग 175% का रिटर्न।   सोने की कीमत में हुआ यह इजाफा भारत के वर्तमान विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) से भी अधिक है। यह दिखाता है कि सोना, किसी की दौलत को सुरक्षित रखने और बढ़ाने का कितना बड़ा जरिया है। 2011 के बाद से भारत द्वारा आयात किए गए सोने की मौजूदा कुल कीमत करीब 1.6 ट्रिलियन डॉलर (1.6 लाख करोड़ डॉलर) तक पहुंच चुकी है। सिर्फ 2024 में जो सोना 52 बिलियन डॉलर में खरीदा गया था, उसकी कीमत अब बढ़कर 108 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गई है।   यह साफ तौर पर बताता है कि सोना लंबे समय तक दौलत बनाने की जबरदस्त क्षमता रखता है। हैरानी की बात यह है कि उस दौर में कई बाजार विशेषज्ञ सोने की खरीद से फॉरेक्स रिजर्व और ट्रेड डेफिसिट पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंतित थे, लेकिन वे यह नहीं समझ पाए कि यह सोना आगे चलकर इतनी बड़ी वेल्थ क्रिएशन करेगा।   ज्वैलरी का निर्यात और ग्लोबल ज्वेलरी हब के रूप में भारत   यहां यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि भारत जो सोना विदेशों से मंगवाता है, उसका एक हिस्सा ज्वैलरी बनाकर वापस दूसरे देशों को बेच (एक्सपोर्ट) दिया जाता है। यह भारत की बेहतरीन कारीगरी और व्यापारिक कुशलता को दर्शाता है, जिसने भारत को दुनिया का एक बड़ा ‘ज्वैलरी हब’ बना दिया है।   भले ही कुछ सोना निर्यात हो जाता है, लेकिन फिर भी भारत के पास सोने का इतना बड़ा भंडार बचा रहता है जो भारतीय परिवारों और संस्थानों के लिए आर्थिक सुरक्षा की एक मजबूत दीवार की तरह काम करता है।   भारतीय परिवारों के पास 25,000–30,000 टन सोना   अनुमान के मुताबिक, भारतीय परिवारों के पास कुल मिलाकर करीब 25,000 से 30,000 टन सोना मौजूद है, जो दुनिया में निजी तौर पर रखे गए सोने के सबसे बड़े भंडारों में से एक है। मौजूदा कीमतों पर इसकी कुल कीमत लगभग 3.4 ट्रिलियन डॉलर से 4.1 ट्रिलियन डॉलर के बीच बैठती है। इससे साफ है कि भारत में घरों की संपत्ति में सोना सबसे अहम हिस्सों में से एक है। यही वजह है कि सोना आज भी भारतीय संस्कृति, बचत और निवेश में केंद्रीय भूमिका निभाता है।   2025 रहा ब्लॉकबस्टर, 2026 को लेकर भी मजबूत उम्मीदें   2025 में सोने ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। इसकी बड़ी वजहें रहीं जियो-पॉलिटिकल टेंशन, बढ़ती महंगाई को लेकर चिंता और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी। भारतीय निवेशकों के लिए यह साल खास तौर पर फायदेमंद रहा, क्योंकि सोने की कीमतों में तेज उछाल आया और एक बार फिर यह साबित हुआ कि सोना सुरक्षित निवेश और दौलत बचाने का भरोसेमंद जरिया है।   ग्लोबल स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता ने सोने को सपोर्ट दिया, वहीं भारत में त्योहारों, शादियों और निवेश की लगातार मांग ने इसकी तेजी को बनाए रखा।…

पंडित प्रकाशवीर शास्त्री की 102वीं जयंती पर स्मृति व्याख्यान का ऐतिहासिक आयोजन

नई दिल्ली | 28 दिसंबर 2025 आर्य समाज के प्रखर विचारक और पूर्व सांसद पंडित प्रकाशवीर शास्त्री की 102वीं जयंती पर 28 दिसंबर 2025 को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के ऑडिटोरियम…

Indian Embassy Hosts First-Ever Ireland Cultural Event Showcasing Arunachal Pradesh, Manipur & Meghalaya

Dublin | 19 December 2025 The Indian Embassy in Dublin created history by hosting Ireland’s first exclusive cultural and tourism event dedicated to Arunachal Pradesh, Manipur and Meghalaya on 19…

NTPC NETRA ग्रेटर नोएडा में प्लाज़्मा गैसीफिकेशन आधारित 1-टन/दिन ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट लगाएगा

एनटीपीसी की अनुसंधान एवं विकास इकाई NETRA हरित ऊर्जा क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाने जा रही है। कंपनी अपने ग्रेटर नोएडा परिसर में प्लाज़्मा गैसीफिकेशन आधारित ग्रीन हाइड्रोजन…