मुंबई, 18 फरवरी 2026: जलवायु परिवर्तन का असर अब केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि शहरों, खेती और वैश्विक सप्लाई चेन तक इसका प्रभाव साफ दिखने लगा है। बढ़ती लागत, पर्यावरणीय जोखिम और सख्त नियमों के चलते अब कंपनियों के लिए स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) एक विकल्प नहीं बल्कि रणनीतिक जरूरत बन चुकी है।
इसी बदलते वैश्विक और भारतीय परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए बड़ौदा बीएनपी परिबा म्यूचुअल फंड ने “बड़ौदा बीएनपी परिबा ईएसजी बेस्ट इन क्लास स्ट्रैटेजी फंड” लॉन्च किया है। यह नया फंड निवेशकों को लंबी अवधि में संपत्ति निर्माण का अवसर देने के साथ-साथ उन्हें उन कंपनियों में निवेश का मौका प्रदान करता है जो पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस (ESG) मानकों पर बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
भारत में ESG अपनाने की रफ्तार तेज
भारत में कॉरपोरेट सेक्टर तेजी से ESG ढांचे को अपना रहा है। सेबी के हालिया आंकड़ों के अनुसार, देश की शीर्ष 1000 सूचीबद्ध कंपनियों ने अब अपनी सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट प्रकाशित करना शुरू कर दिया है, जबकि एक दशक पहले यह संख्या लगभग 100 तक सीमित थी।
वित्त वर्ष 2025-26 तक सेबी की बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग (BRSR) कोर आवश्यकताएं देश की शीर्ष 500 कंपनियों पर लागू हो जाएंगी। इसके तहत कंपनियों को अपने प्रमुख सस्टेनेबिलिटी खुलासों का स्वतंत्र मूल्यांकन और प्रमाणन कराना होगा।
आज कंपनियां केवल नियामकीय अनुपालन के लिए नहीं बल्कि:
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पर्यावरणीय जोखिम कम करने
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कारोबारी मजबूती बढ़ाने
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नवाचार को बढ़ावा देने
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निवेशकों का भरोसा मजबूत करने
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लंबी अवधि की पूंजी आकर्षित करने
के लिए ESG ढांचे को अपने संचालन का हिस्सा बना रही हैं।
ESG में निवेश का वैश्विक अवसर
दुनियाभर में ESG से जुड़े निवेश तेजी से बढ़ रहे हैं। 2025 में वैश्विक स्तर पर क्लीन एनर्जी में निवेश लगभग 2.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है। वहीं 2030 तक सर्कुलर इकोनॉमी का बाजार 4.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
2050 तक दुनिया की लगभग 68% आबादी के शहरों में रहने की संभावना है, जिससे ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर और टिकाऊ आवास की मांग में तेज वृद्धि होगी।
भारत भी इस दिशा में सक्रिय है। सरकार ने 2070 तक नेट-जीरो लक्ष्य हासिल करने का संकल्प लिया है। नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन जैसे कदमों से लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग सिस्टम को 2026 तक नौ प्रमुख क्षेत्रों में लागू करने की तैयारी चल रही है।
ESG निवेश क्यों बन रहा है लोकप्रिय?
ESG निवेश में कंपनियों का चयन केवल वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर नहीं बल्कि पर्यावरणीय, सामाजिक और गवर्नेंस मानकों को ध्यान में रखकर किया जाता है।
पिछले दशक के प्रदर्शन से संकेत मिलता है कि यह रणनीति प्रभावी साबित हुई है। निफ्टी 100 ईएसजी टोटल रिटर्न इंडेक्स ने पिछले 10 वर्षों में कई बार पारंपरिक निफ्टी 100 इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया है।
रिसर्च से यह भी सामने आया है कि ESG आधारित इंडेक्स में उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत कम रहा है, जिससे निवेशकों को स्थिर रिटर्न की संभावना मिलती है।
नए फंड की निवेश रणनीति
बड़ौदा बीएनपी परिबा ईएसजी बेस्ट इन क्लास स्ट्रैटेजी फंड, निफ्टी 100 ईएसजी इंडेक्स को बेंचमार्क मानकर काम करेगा। यह फंड उन कंपनियों में निवेश करेगा:
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जो टिकाऊ बिजनेस मॉडल अपनाती हैं
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जिनकी बुनियादी स्थिति मजबूत है
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जिनमें दीर्घकालिक विकास की क्षमता है
निवेश चयन प्रक्रिया में ESG रेटिंग, गहन फंडामेंटल विश्लेषण और विस्तृत ESG रिसर्च को शामिल किया जाएगा।
कंपनी के अनुसार, व्यापक स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बाद हजारों सूचीबद्ध कंपनियों में से चुनिंदा कंपनियों का चयन किया जाएगा, जिनकी ESG रेटिंग अपने सेक्टर में बेहतर हो।
निवेश के विकल्प
न्यू फंड ऑफर (NFO) के दौरान निवेशक:
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₹1,000 से एकमुश्त निवेश कर सकते हैं
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₹500 मासिक SIP से शुरुआत कर सकते हैं
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₹1,500 तिमाही SIP का विकल्प चुन सकते हैं
इस तरह यह फंड छोटे और बड़े दोनों निवेशकों को जिम्मेदार निवेश के जरिए लंबी अवधि में संपत्ति निर्माण का अवसर देता है।





