मुंबई, 9 दिसंबर 2025: भारतीयों की विदेश यात्रा की आदतें तेज़ी से बदल रही हैं। ICICI Lombard General Insurance की पहली ‘WanderSafe Report 2025’ के अनुसार, अब लगभग 60% यात्री अपनी यात्रा खुद बुक करते हैं या ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों के जरिए प्लानिंग करते हैं। लेकिन इसके बावजूद 41% लोगों को वीज़ा प्रक्रिया, यात्रा की तैयारी और ट्रैवल इंश्योरेंस को समझने में कठिनाई होती है।
रिपोर्ट, जिसे Hansa Research के साथ मिलकर तैयार किया गया है, Gen Z, Millennials और Gen X यात्रियों की पसंद, चिंताओं और यात्रा के दौरान आने वाली चुनौतियों को विस्तार से बताती है। इसमें साफ दिखता है कि भारतीयों की सबसे पसंदीदा मंज़िलें अब भी एशिया के देश हैं—विशेषकर थाईलैंड, जापान और सिंगापुर—जहाँ वीज़ा आसानी से मिलता है और यात्रा सुविधाजनक है। लंबी दूरी की यात्राओं में उत्तर अमेरिका, खासकर अमेरिका, तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
युवा यात्री दूर के देशों की ओर आकर्षित
रिपोर्ट बताती है कि Gen Z और Millennials पास के देशों की जगह ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और यूके जैसे दूरस्थ गंतव्यों को अधिक पसंद कर रहे हैं।
Gen Y के 48% यात्री ऑस्ट्रेलिया जाने की योजना बना रहे हैं, जो Gen X की तुलना में काफी अधिक है।
युवाओं की इन पसंदों से पता चलता है कि आने वाले वर्षों में भारतीय यात्रियों के बीच अनुभव आधारित यात्राओं (experience-led travel) की मांग और बढ़ेगी।
-
62% Gen Z एडवेंचर स्पोर्ट्स करना चाहते हैं
-
50% युवा किराए की गाड़ी लेकर खुद ड्राइव करना पसंद कर रहे हैं
ये रुझान दिखाते हैं कि आज का युवा अपनी पूरी यात्रा अपनी शर्तों पर प्लान करना चाहता है।
बदल रहा है यात्रा का तरीका
-
64% लोग परिवार, दोस्तों या साथी के साथ यात्रा करते हैं।
-
लेकिन Gen Z तीन गुना अधिक सोलो ट्रिप करते हैं और चार गुना अधिक ऑफिस ग्रुप के साथ घूमते हैं।
-
64% लोग दो हफ्तों तक की विदेश यात्रा पसंद करते हैं, जबकि परिवार वाले अक्सर लंबी छुट्टियाँ चुनते हैं।
-
मल्टी-कंट्री टूर, वॉटर गतिविधियाँ और सांस्कृतिक यात्राएँ तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं।
डिजिटल बुकिंग बढ़ी, लेकिन मुश्किलें बरकरार
हालांकि ज्यादातर यात्री यात्रा ऑनलाइन बुक कर रहे हैं, रिपोर्ट दिखाती है कि कई मामलों में जटिल प्लानिंग के लिए यात्री अब भी ट्रैवल एजेंट की मदद लेते हैं।
Gen X खास तौर पर तकनीक से कम सहज हैं और यात्रा की बुकिंग 2.6 गुना अधिक अपने बच्चों पर छोड़ देते हैं।
ट्रैवल इंश्योरेंस: जागरूकता ज्यादा, समझ कम
भारत में ट्रैवल इंश्योरेंस को लेकर जागरूकता बढ़ी है—88% लोग इसके बारे में जानते हैं, लेकिन
-
49% को पॉलिसी की सही जानकारी नहीं
-
34% इसे महंगा मानते हैं
-
21% को इसका लाभ कम दिखता है
महामारी के बाद यात्रियों की मुख्य चिंताएँ हैं:
मेडिकल खर्च, ट्रिप कैंसिलेशन, फ्लाइट देरी, बैगेज खोना और दस्तावेजों का गुम होना।
यही वजह है कि अब 64% लोग यात्रा से पहले इंश्योरेंस देखना जरूरी मानते हैं।
नई जरूरतों के लिए नई सुरक्षा—TripSecure+ लॉन्च
इन नई चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए ICICI Lombard ने AI आधारित ट्रैवल इंश्योरेंस समाधान ‘TripSecure+’ पेश किया है, जो यात्रा के दौरान रियल-टाइम सुरक्षा और तुरंत उपलब्ध कवरेज देता है।
ICICI Lombard के Chief Retail & Government Business, आनंद सिंघी ने कहा,
“आज का भारतीय यात्री दुनिया को नए तरीके से देख रहा है। वो खुद यात्रा प्लान करता है और उम्मीद करता है कि सुरक्षा भी सरल, डिजिटल और भरोसेमंद हो। WanderSafe Report दिखाती है कि यात्रा रोमांचक है, लेकिन अनिश्चितताएँ भी बढ़ी हैं। TripSecure+ जैसी AI आधारित सुरक्षा यात्रियों को हर कदम पर मदद देती है।”
ट्रैवल इंश्योरेंस में उभरते ट्रेंड
-
डिजिटल-फ़र्स्ट पॉलिसियाँ
-
ऑन-डिमांड कवरेज
-
AI आधारित सुरक्षा
-
टेलीमेडिसिन और साइबर सुरक्षा कवरेज
-
पर्यावरण आधारित इंश्योरेंस (climate-linked protection)
रिपोर्ट बताती है कि भारतीय अब ऐसा ट्रैवल इंश्योरेंस चाहते हैं जो तेज़, पारदर्शी, लचीला और उनकी जरूरतों के अनुसार तुरंत उपलब्ध हो।








