देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo Airlines) इन दिनों गंभीर अव्यवस्था का सामना कर रही है। भारी संख्या में उड़ानों की रद्दीकरण, देरी और हजारों यात्रियों के फंसने से कंपनी का संचालन चरमराया हुआ है। आइए समझते हैं कि यह संकट कैसे पैदा हुआ और हालात इतने बिगड़े क्यों।
इंडिगो: एक नज़र में
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भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन
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60% से ज़्यादा मार्केट शेयर
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900 से अधिक विमानों का बेड़ा
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रोज़ाना 2,100+ उड़ानों का संचालन
एयरलाइन इतने बड़े पैमाने पर संचालन इसलिए कर पाती थी क्योंकि इसका मॉडल फ्लीट का अधिकतम उपयोग और तेज़ टर्नअराउंड टाइम पर आधारित था।
कई विमान 11 घंटे से भी ज़्यादा उड़ान भरते थे—जिससे लागत कम रहती थी और कुशलता बढ़ती थी।
तो फिर समस्या कहाँ पैदा हुई?
इंडिगो की सबसे बड़ी कमजोरी वही थी, जिससे वह अपनी ताकत बनाता था—
पतली परिचालन क्षमता (Thin resource margins)।
कंपनी का पूरा ऑपरेशन 3 चीज़ों पर बहुत टिका हुआ था:
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स्टाफ (विशेषकर पायलट और क्रू)
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विमान
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स्लॉट—यानी टेकऑफ और लैंडिंग समय
इनमें से किसी एक हिस्सा भी डगमगाता है, तो पूरी मशीनरी ठप होने लगती है।
DGCA के नए नियमों ने बिगाड़ी लय
कहानी का मोड़ तब आया, जब DGCA ने एयरलाइंस के लिए नए सुरक्षा मानक लागू किए, जिन्हें कहते हैं—
Flight Duty Time Limitations (FDTL)
ये ऐसे नियम हैं जो निर्धारित करते हैं कि:
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पायलट कितने घंटे उड़ान भर सकते हैं
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रात की ड्यूटी कैसे तय होगी
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रेस्ट टाइम कितना होगा
DGCA ने एयरलाइंस को इन नियमों के लिए दो साल की तैयारी दी थी।
नियम दो चरणों में लागू हुए, लेकिन दूसरा चरण (नवंबर 2025) सबसे मुश्किल निकला—और इंडिगो इसकी तैयारी में पीछे रह गई।
अन्य एयरलाइंस कैसे संभाल पाईं?
एयर इंडिया + एयर इंडिया एक्सप्रेस
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विंटर शेड्यूल में उड़ानें कम कर दीं
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नए नियमों के अनुसार पहले से प्लान बना लिया
आकासा एयर
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पायलटों की संख्या अधिक
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इसलिए बिना किसी बड़ी समस्या के नियम लागू किए
इंडिगो
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ऑपरेशन बड़ा, रिसोर्सेज़ सीमित
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नियम लागू होने पर शेड्यूल ढह गया
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देरी, कैंसिलेशन और यात्रियों की लंबी कतारें
क्या इंडिगो पर कोई कार्रवाई हुई?
अभी तक कोई सीधा दंड नहीं दिया गया, लेकिन बाजार ने इंडिगो को कड़ी सज़ा दी:
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पेरेंट कंपनी InterGlobe Aviation ने
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एक दिन में ₹25,000 करोड़ मार्केट कैप गंवाया (DGCA की सफाई के बाद कुछ रिकवरी हुई)
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पिछले 7 दिनों में 9% से ज़्यादा गिरावट
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DGCA ने दी अस्थायी राहत
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इंडिगो को फरवरी तक छूट
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30 दिनों में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए रोडमैप देना होगा
अगर आपकी फ्लाइट रद्द हुई है तो?
इंडिगो ने घोषणा की है कि:
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5 से 15 दिसंबर के बीच रद्द हुई सभी उड़ानों का
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100% रिफंड दिया जाएगा
इसके अलावा, कई क्रेडिट कार्ड में ट्रैवल इंश्योरेंस शामिल होता है, जो ऐसे हालात में मदद कर सकता है।
इंडिगो भारत के एविएशन सेक्टर की रीढ़ मानी जाती है।
उसके संचालन में अव्यवस्था का असर:
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टिकट कीमतों
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अन्य एयरलाइंस की लोड फैक्टर
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स्टाफिंग पैटर्न
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और हवाई यात्रा की विश्वसनीयता
पर सीधा पड़ता है।
निष्कर्ष: एक चेतावनी का संकेत
इंडिगो का यह संकट याद दिलाता है कि:
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बड़े पैमाने पर संचालन
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पतले मार्जिन
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और सीमित स्टाफ
लंबे समय तक टिकाऊ नहीं होते—खासकर तब, जब सुरक्षा आधारित नियम लागू होते हैं।
यह घटना भारतीय एविएशन सेक्टर के लिए एक वेक-अप कॉल है कि संचालन क्षमता और सुरक्षा मानकों के बीच संतुलन बेहद ज़रूरी है।





