मुंबई, 3 दिसंबर 2025: कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (कोटक म्यूचुअल फंड) ने अपना एनुअल मार्केट आउटलुक 2026 जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, ब्याज दरों में संभावित नरमी, भारत की मजबूत संरचनात्मक वृद्धि और स्थिर आर्थिक माहौल अगले वर्ष शेयर बाजार और फिक्स्ड इनकम—दोनों वर्गों में बेहतरीन निवेश अवसर तैयार करेंगे।
रिपोर्ट में वैश्विक और घरेलू ट्रेंड का विस्तृत विश्लेषण है, जो आने वाले महीनों में वित्तीय बाजारों की दिशा तय कर सकते हैं।
इक्विटी मार्केट: कंपनियों की अर्निंग्स बनाएंगी रिटर्न की गति
कोटक AMC के मैनेजिंग डायरेक्टर निलेश शाह के अनुसार:
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FY26 में इक्विटी रिटर्न की असली ताकत कंपनियों की कमाई से आएगी।
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भारतीय कंपनियों की अर्निंग FY27 में डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज कर सकती है।
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मजबूत कमाई के चलते विदेशी निवेशकों का फ्लो बढ़ने की उम्मीद है, जिससे बाजार में लिक्विडिटी बनी रहेगी।
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मिड कैप्स के लार्ज और स्मॉल कैप्स से बेहतर प्रदर्शन करने की संभावना है—हालांकि बढ़त सीमित हो सकती है।
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सोना और चांदी भी आगामी वर्ष में फायदा दे सकते हैं, क्योंकि वैश्विक केंद्रीय बैंक अपनी खरीद बढ़ा रहे हैं।
निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे उम्मीदें संयमित रखें और पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन बनाए रखें।
2026 की प्रमुख इक्विटी निवेश थीम
1️⃣ फाइनेंशियल सर्विसेज – क्रेडिट ग्रोथ से सेक्टर में मजबूती
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बैंकों की कर्ज देने की गति फिर से तेज़ हुई है।
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क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो में बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि बैंक अब अधिक लोन दे रहे हैं।
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मजबूत कैपिटल एडेक्वेसी, बेहतर फंडामेंटल और स्थिर बैलेंस शीट्स इस सेक्टर को और आकर्षक बना रही हैं।
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कर्ज और डिपॉजिट ग्रोथ के अंतर के घटने से बैंकों का मार्जिन स्थिर रहने और मुनाफे में सुधार की संभावना है।
2️⃣ कंजम्पशन साइकिल – ग्रामीण रिवाइवल से मांग बढ़ने की उम्मीद
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घरेलू खपत एक बार फिर तेज़ी पकड़ रही है।
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ग्रामीण आय बढ़कर $2,000 प्रति व्यक्ति के स्तर को पार कर गई है—यह वह बिंदु है जहां discretionary spending तेज़ होता है।
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ऑटोमोबाइल सेक्टर—खासकर टू-व्हीलर और पैसेंजर वाहनों—में मजबूत रिकवरी दिख रही है।
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त्योहारों की मांग, GST सुधार और महंगाई में कमी खपत को सपोर्ट कर रहे हैं।
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बिक्री के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि ग्राहक अब प्रीमियम उत्पादों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।
3️⃣ ई-कॉमर्स – डिजिटल बूम जारी
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भारत का ई-कॉमर्स सेक्टर अभी भी प्रारंभिक चरण में है, इसलिए यहां डबल-डिजिट ग्रोथ की संभावनाएं कायम हैं।
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FY30 तक ई-कॉमर्स की कुल रिटेल हिस्सेदारी 12–13% तक बढ़ सकती है।
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इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी और पर्सनल केयर कैटेगरी सबसे तेज़ बढ़ने वाले सेक्टर माने जा रहे हैं।
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बाजार में लगभग 80% हिस्सा 3 बड़ी कंपनियों के पास है—इससे सेक्टर के कंसोलिडेशन और मुनाफे में सुधार की उम्मीद है।
4️⃣ हेल्थकेयर – भारत की बढ़ती उम्रदराज़ आबादी बना रही है नए अवसर
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भारत दुनिया के सबसे बड़े वृद्ध आबादी वाले देशों में शामिल है।
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आने वाले 25 वर्षों में बुजुर्गों की संख्या लगभग दोगुनी हो सकती है।
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Long-term illnesses और lifestyle diseases में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।
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इससे हेल्थकेयर सर्विसेज, डायग्नोस्टिक, हॉस्पिटल और मेडिकल इक्विपमेंट कंपनियों में बड़े अवसर बन रहे हैं।
फिक्स्ड इनकम आउटलुक 2026
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बदलते बाजार दौर में फिक्स्ड इनकम निवेश पोर्टफोलियो को स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करेगा।
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भारत के Bloomberg Global Aggregate Index में शामिल होने की संभावना और मजबूत हो चुकी है—जनवरी 2026 में औपचारिक घोषणा की उम्मीद।
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इस कदम से लगभग $25 बिलियन विदेशी निवेश भारत के बॉन्ड मार्केट में आ सकता है।
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मजबूत मैक्रोइकॉनॉमिक संकेतक और मांग-आपूर्ति संतुलन बॉन्ड यील्ड्स के लिए सकारात्मक माहौल बना रहे हैं।
निष्कर्ष
कोटक म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट के अनुसार:
✔ 2026 में भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत राह पर रहेगी
✔ इक्विटी बाजार में “अर्निंग-ड्रिवन” रैली की संभावना
✔ फाइनेंशियल्स, कंजम्पशन, ई-कॉमर्स और हेल्थकेयर सबसे बड़े थीम
✔ फिक्स्ड इनकम में विदेशी inflow के कारण स्थिर और आकर्षक रिटर्न की संभावना
पूरी रिपोर्ट यहां उपलब्ध है:
👉 https://www.kotakmf.com/documents/Annual-Outlook-2026





