मुंबई, 14 नवंबर 2025:
भारत में बढ़ती लाइफस्टाइल बीमारियों पर ताजा रिपोर्ट ने चिंताजनक तस्वीर पेश की है। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस द्वारा जारी 8वीं इंडिया वेलनेस इंडेक्स स्टडी 2025 के अनुसार, हर 6 में से 1 भारतीय (करीब 17%) डायबिटीज से प्रभावित है। यह बीमारी अब देश में टॉप 5 लाइफस्टाइल डिजीज में शामिल हो गई है।
⚕️ भारत की सेहत का स्कोर स्थिर, पर बीमारी बढ़ रही
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने यह स्टडी वर्ल्ड डायबिटीज डे (14 नवंबर) के मौके पर जारी की। रिपोर्ट बताती है कि भारत का कुल वेलनेस स्कोर लगातार चौथे साल 72 पर स्थिर है, लेकिन डायबिटीज, स्ट्रेस और हार्ट डिजीज जैसी बीमारियां तेजी से लोगों की सेहत को कमजोर कर रही हैं।
यह अध्ययन कैंटर (Kantar) के सहयोग से किया गया और इसमें 19 प्रमुख शहरों (मेट्रो व टियर-I) के 2,000 से अधिक लोगों को शामिल किया गया। वेलनेस को छह आयामों — शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक, सामाजिक, आर्थिक और कार्यस्थल स्वास्थ्य — पर मापा गया।
📉 युवा पीढ़ी (Gen Z) की सेहत में तेज गिरावट
रिपोर्ट में पाया गया कि Gen Z (नई पीढ़ी) की सेहत हर क्षेत्र में गिरी है — चाहे वो शारीरिक हो, मानसिक या वित्तीय। इसके विपरीत, Gen X (मध्यम आयु वर्ग) और महिलाओं की सेहत में सुधार देखा गया है।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड की हेड – मार्केटिंग, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और CSR शीना कपूर ने कहा:
“भारत की सेहत का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। डायबिटीज जैसी बीमारियां बढ़ती चिंता का कारण हैं, लेकिन असली सीख यह है कि हमारी जीवनशैली और रोजमर्रा की आदतें हमारी सेहत पर गहरा असर डाल रही हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि,
“Gen Z युवा अनियमित दिनचर्या और बढ़ते तनाव के कारण जल्दी स्वास्थ्य जोखिमों का सामना कर रहे हैं, जबकि महिलाएं और Gen X अपने स्वास्थ्य, परिवार और वित्तीय सुरक्षा को लेकर अधिक जिम्मेदार रुख अपना रहे हैं।”
📊 2025 वेलनेस इंडेक्स के प्रमुख निष्कर्ष
🩺 डायबिटीज और लाइफस्टाइल बीमारियां
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17% भारतीय डायबिटीज से पीड़ित हैं।
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हर 3 में से 1 व्यक्ति रोजाना अत्यधिक तनाव महसूस करता है।
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41% लोग लगातार थकान की शिकायत करते हैं।
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जिन लोगों को कोई लाइफस्टाइल बीमारी नहीं है, उनका वेलनेस स्कोर 79 है, जबकि बीमार व्यक्तियों का स्कोर 70 है।
👩💻 जेनरेशन और क्षेत्रीय अंतर
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Gen Z की सेहत सबसे ज्यादा गिरी, खासकर टियर-1 शहरों में।
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Gen X और महिलाएं बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं — फिटनेस, आर्थिक समझ और पारिवारिक जुड़ाव में सुधार।
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मिलेनियल्स में फाइनेंशियल और वर्कप्लेस वेलनेस में सुधार हुआ है।
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उत्तर भारत अब भी सबसे आगे है, जबकि पश्चिमी भारत, खासकर मुंबई और पुणे, पीछे हैं।
🏢 कॉर्पोरेट कर्मचारियों का स्वास्थ्य
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कॉर्पोरेट वर्कफोर्स का वेलनेस स्कोर औसत से कम पाया गया।
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महिला कर्मचारियों और युवा प्रोफेशनल्स में फिजिकल और फाइनेंशियल हेल्थ में गिरावट देखी गई।
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73% भारतीय मानते हैं कि तनावपूर्ण कार्यस्थल दिल की सेहत को प्रभावित करता है, फिर भी 40% लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं।
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दो-तिहाई लोगों ने वर्क-लाइफ बैलेंस और पारिवारिक तनाव को बड़ी चुनौती बताया।
🍎 आहार और पोषण
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66% भारतीय खुद को स्वस्थ आहार लेने वाला बताते हैं, लेकिन अधिकांश लोग चीनी, नमक और तेल का सेवन नियंत्रित नहीं कर पाते।
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जो लोग संतुलित आहार का पालन करते हैं, उनका वेलनेस स्कोर औसतन 4 अंक अधिक पाया गया।
💰 बीमा और तकनीक की भूमिका
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हेल्थ इंश्योरेंस रखने वालों की कुल वेलनेस और आर्थिक सेहत बेहतर रही।
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लोग अब संपूर्ण बीमा योजनाएं (जिसमें मानसिक स्वास्थ्य कवरेज और वेलनेस प्रोग्राम शामिल हों) को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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फिटनेस ट्रैकर या स्मार्टवॉच का उपयोग करने वालों का वेलनेस स्कोर लगभग 20 अंक अधिक पाया गया।
💬 आईसीआईसीआई लोम्बार्ड का संदेश
शीना कपूर ने कहा,
“भारत में वेलनेस अब केवल जागरूकता नहीं, बल्कि रोजमर्रा के अनुशासन का विषय बन चुका है। अब समय है कि हम बीमारी के बाद इलाज करने की बजाय, बीमारी से पहले रोकथाम पर ध्यान दें। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और हेल्थ इंश्योरेंस — यही लंबी उम्र और अच्छी सेहत की कुंजी हैं।”
📄 रिपोर्ट लिंक:
🔗 ICICI Lombard India Wellness Index 2025 – Complete Report (PDF)




